डिपोजिट लेने में आगे तो ऋण देने में पीछे कई महत्वपूर्ण बैंकां का सीडी अनुपात काफी कमखगडि़या. डिपोजीट लेने में कई बैंक तो आगे रहे हैं. लेकिन डिपोजिट के विरुद्ध ऋण वितरण करने में काफी पीछे रहे हैं. ये स्थिति नई बैंकां के साथ साथ पूराने बैंकों की भी है. डिपोजिट के अनुपात में ऋण वितरण नहीं करने के कारण कई बैंकों का सीडी अनुपात काफी कम रहा है. विभागीय जानकारी के मुताबिक सभी बैंकों को प्राप्त डिपोजिट का कम से कम 40 प्रतिशत राशि ऋण के रूप् में वितरण करना होता है. एसएलबीसी क निर्देश के बावजूद जिले के कई बैंकों का सीडी अनुपात 40 प्रतिशत से कम रहा है. मिली जानकारी के मुताबिक एसबीआई के पास सर्वाधिक 61050 लाख रुपये जमा हुए हैं. लेकिन इस बैंक ने प्राप्त डिपोजिट का मात्र 30.05 प्रतिशत राशि ही ऋण के रूप में वितरण किया है. इसी तरह यूनियन बैंक के विभिन्न शाखाओं में 30857 लाख रुपये जमा है. लेकिन इस बैंक ने प्राप्त डिपोजिट का 36.15 प्रतिशत ही राशि ऋण के रूप में वितरण किया. अगर अन्य बैंकों की बात करें तो पंजाब नेशनल बैंक का सीडी अनुपात मात्र 19 प्रतिशत रहा है. जबकि बैंक ऑफ इंडिया का सीडी अनुपात 32.22 प्रतिशत, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का सीडी अनुपात 12.12 , इंडियन ओबरसीज बैंक का सीडी अनुपात 20.12 प्रतिशत , इंडियन बैंक का सीडी अनुपात 7.30 प्रतिशत रहा है. अगर अच्छे प्रदर्शन करने वाले बैंक की बात करें तो आइसीआइसीआइ बैंक ने प्राप्त डिपोजिट से काफी अधिक ऋण वितरण किया है. इस बैंक का सीडी अनुपात 647.97 प्रतिशत, आइडीबीआइ बैंक का सीडी अनुपात 102.80 प्रतिशत तथा को ऑपरेटिव बैंक का सीडी अनुपात 335.87 प्रतिशत रहा है. वहीं बिहार ग्रामीण बैंक का सीडी अनुपात लगभग सौ प्रतिशत , सेंट्रल बैंक का 49. 58 प्रतिशत तथा इलाहाबाद बैंक का 46 प्रतिशत रहा है.
डिपोजिट लेने में आगे तो ऋण देने में पीछे
डिपोजिट लेने में आगे तो ऋण देने में पीछे कई महत्वपूर्ण बैंकां का सीडी अनुपात काफी कमखगडि़या. डिपोजीट लेने में कई बैंक तो आगे रहे हैं. लेकिन डिपोजिट के विरुद्ध ऋण वितरण करने में काफी पीछे रहे हैं. ये स्थिति नई बैंकां के साथ साथ पूराने बैंकों की भी है. डिपोजिट के अनुपात में ऋण […]
