खगडि़या : रेलवे प्रशासन ने डीआरएम को भेजा त्राहिमाम संदेश खगडि़या होकर गुजरने वाली विभिन्न ट्रेनों में बेटिकट यात्रा रोकने से खड़े किये हाथ स्टेशन पर टीटीई कह रहे महिला पुलिस के बिना चेकिंग संभव नहीं आरपीएफ कहती है कि पहले महिला टीटीई उपलब्ध करवाये रेल प्रशासन एक दूसरे पर टालमटोल रवैये के कारण हर दिन रेलवे को लग रहा
लाखों का चूना टीटीआई की कमी के कारण उत्पन्न स्थिति को देखते हुए उचित कदम उठाने के लिये डीआरएम को पत्र भेजा गया है. – प्रवीण कुमार, एसएस,
खगडि़या :खगडि़या से गुजरने वाली विभिन्न ट्रेनों मंे बिना टिकट यात्रा करने वालों में अधिकांश महिलाएं ही शामिल है. महिला टीटीई की कमी के कारण चेकिंग अभियान प्रभावित हो रहा है.
हालांकि सप्ताह में दो से तीन दिन स्पेशल टीम भेज कर ट्रेनों में टिकट चेकिंग किया जायेगा. साथ ही लोगों से भी अपील है कि वे उपयुक्त टिकट लेकर ही यात्रा करें. दिलीप कुमार, सीनियर डीसीएम, सोनपुर. -खगडि़या. बेटिकट रेल यात्रा रोकने में खगडि़या रेल प्रशासन ने हाथ खड़े कर दिये हैं. इसका मुख्य कारण कर्मचारियों की कमी है.
इधर, खगडि़या से गुजरने वाली विभिन्न ट्रेनों में प्रतिदिन करीब दो हजार महिलाएं खुलेआम बेटिकट यात्रा कर रही है. जिससे रेलवे को लाखांे के राजस्व के नुकसान का सिलसिला जारी है. कर्मचारियों की कमी से बेटिकट यात्रा रोक पाने में विफल स्थानीय रेल प्रशासन ने डीआरएम को त्राहिमाम पत्र भेज कर उचित कदम उठाने का अनुरोध किया है.
-टीटीआई व आरपीएफ कर रहे टालमटोल पत्र के मुताबिक आरपीएफ को टिकट चेकिंग के लिये कई बार मेमो दिया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गयी. टिकट चेकिंग में पेंच फंसने के कई कारण सामने आ रहे हैं. टीटीआई/डीसीआई कहते हैं पहले महिला पुलिस उपलब्ध करवाया जाये तो आरपीएफ वाले का अलग ही रोना है.
रेलवे सुरक्षा बल महिला टीटीआई की मांग करते हैं. ऐसे में एक दूसरे पर टालमटोल के कारण टिकट चेकिंग प्रभावित होना लाजिमी है. नतीजतन रोज रेलवे को चूना लगने का सिलसिला जारी है. हालांकि स्थानीय रेल अधिकारी व आरपीएफ कुछ भी बोलने इंकार करते हैं.
सुबह से शाम तक हो रहा बेटिकट यात्रा सूत्रों के अनुसार खगडि़या से गुजरने वाली एक्सप्रेस व पसैंजर ट्रेनों में करीब दो हजार महिला प्रतिदिन बेटिकट यात्रा कर रही हैं. इतना ही नहीं प्लेटफार्म पर जगह जगह कब्जा जमा कर गंदगी फैलाने से भी बाज नहीं आती है. इसे रोकने के लिये रेल प्रशासन के पास समुचित व्यवस्था नहीं है.
लिहाजा मजबूर रेल प्रशासन मुंह ताकने के अलावा कुछ भी नहीं पा रहा है. बता दें कि खगडि़या होकर प्रतिदिन 56 जोड़ी ट्रेनें गुजरती है. जिसमें करीब दस हजार लोग सफर करते हैं. इससे खगडि़या रेलवे को प्रत्येक दिन छह लाख रुपये की आय होती है. अगर बेटिकट यात्रा पर अंकुश लग जाये तो रेलवे के राजस्व में लाखों रुपये के इजाफे की उम्मीद है.
-पूछताछ संभाले या टिकट चेकिंग खगडि़या स्टेशन पर कुल छह टीटीआई थे. जिसमें से एक ने इस्तीफा भेज दिया है. एक टीटीई बराबर बीमार रहते हैं. लिहाजा ड्यूटी से गायब रहते हैं. तीन टीटीई पूछताछ केंद्र संभालते हैं. कुल मिला कर मुख्य टीटीआई बचते हैं. अब ऐसे में टिकट चेकिंग का क्या हश्र होता होगा इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है. नतीजतन, बेखौफ होकर बेटिकट यात्रा करने का सिलसिला जारी है. ———————–
