गोशाला के रूप में होता है उप स्वास्थ्य केंद्र का उपयोग

गोशाला के रूप में होता है उप स्वास्थ्य केंद्र का उपयोग कुर्बन उप स्वास्थ्य केंद्र खंडहर में तब्दीलफोटो है 3 मेंकैप्सन- जर्जर उप स्वास्थ्य केंद्र प्रतिनिधि, बेलदौरप्रखंड के कुर्बन पंचायत अंतर्गत स्वास्थ्य उपकेंद्र सठमा खंडहर में तब्दील हो गया है. लगभग ढाई दशक पूर्व बने इस केंद्र का समुचित उपयोग विभाग के द्वारा नहीं किये […]

गोशाला के रूप में होता है उप स्वास्थ्य केंद्र का उपयोग कुर्बन उप स्वास्थ्य केंद्र खंडहर में तब्दीलफोटो है 3 मेंकैप्सन- जर्जर उप स्वास्थ्य केंद्र प्रतिनिधि, बेलदौरप्रखंड के कुर्बन पंचायत अंतर्गत स्वास्थ्य उपकेंद्र सठमा खंडहर में तब्दील हो गया है. लगभग ढाई दशक पूर्व बने इस केंद्र का समुचित उपयोग विभाग के द्वारा नहीं किये जाने का नतीजा है कि केंद्र पर आस पास के पशुपालकों ने अपना कब्जा जमा लिया है. बहरहाल इस केंद्र का उपयोग स्वास्थ्य सुविधा के बदले मवेशी बांधने एवं उसके चारे रखने के लिए किया जा रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि गांव में स्वास्थ्य उपकेंद्र के बुनियाद को मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार ने इस गांव में स्वास्थ्य उपकेंद्र भवन का निर्माण 1992 में किया गया था. झोला छाप चिकित्सकों का सहाराकेंद्र का संचालन नहीं किए जाने से आम लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा के लिए झोला छाप डॉक्टरों पर निर्भर रहना पड़ता है. इसके साथ ही मरीजों का जम कर आर्थिक शोषण ग्रामीण डॉक्टरों द्वारा किया जाता है. ग्रामीणों ने बताया कि इस केंद्र का संचालन कागजी तौर पर किया जा रहा है. इस केंद्र के एएनएम कौन है. इसकी जानकारी आम लोगों को नहीं है.गोशाला का रूप ले चुका है उप स्वास्थ्य केंद्र विभाग द्वारा इस केंद्र की सुधि नहीं लिए जाने से यह केंद्र अब गोशाला का रूप ले चुका है. केंद्र पर पशुपालकों ने अपना कब्जा जमा लिया है. केंद्र प्राय: बंद रहने से ग्रामीणों को महंगी निजी स्वास्थ्य सेवा लेना पड़ता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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