खगड़िया : मंगलवार की सुबह ट्रेन व बाइक की टक्कर में बच्चे की मौत के बाद भी रेल प्रशासन नहीं चेता है. पटरी पर सजी दुकान, रेल लाइन पर होता आराम सहित अन्य समस्याओं से हर वक्त दुर्घटना की आशंका बनी हुई है. सब कुछ जानते हुए भी स्थानीय रेल अधिकारी व सुरक्षा बल द्वारा मुंह फेर लेने से स्थिति दिनों दिन भयावह होती जा रही है.
किसी दिन यह बड़े हादसे का गवाह बन सकता है. लोग सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं. रेलवे लाइन पर खड़े होकर ट्रेन के इंतजार का सिलसिला जारी है. ट्रेन के पायदान से लेकर इंजन तक यात्रा करना यहां आम बात है. आए दिन रेल दुर्घटना में जान जा रही है. लगातार हादसे के बाद काफी हो हंगामा होता है.
मंगलवार की घटना में भले ग्रामीण ढाला खुला रहने व रेल प्रशासन बंद रहने के दावे का रहा हो लेकिन यहां तो रेलवे का कानून रेल अधिकारियों के सामने टूट रहा है. लेकिन रेल अधिकारी चुप हैं. पटरी पर इंतजार करते महिला-पुरुष व बच्चे, पायदान पर लटके लोग, इंजन पर सफर करते बच्चे व महिला आदि यहां रोज की बातें हैं.
खगड़िया व मानसी रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल व रेल अधिकारी के आंखों के सामने का हादसे को निमंत्रण दे रहा है. पटरी पर सजे बाजार, आराम फरमाते लोग… कहीं कुछ अनहोनी न हो जाय.
