नहीं मिला सिंचाई अनुदान बेलदौर- प्रखंड क्षेत्र के किसान सुखाड़ की मार झेल साहुकारों से कर्ज लेकर भले ही जैसे तैसे महंगे दरों पर सिंचाई कर धान की खेती से उबर गये. किसान रबी खेती के लिए लगने वाली मोटी पूंजी के लिए सर्मथन मूल्य के अभाव में अपने धान को खलिहानों पर ही औने पौने दामो में कारोबारियों के हाथों बेचने को विवश हैं. बावजूद किसानों के आंसू पोछने के लिए सरकारी घोषणा के बाद भी न तो अब तक धान बिचड़े की सिंचाई की ही राशि मिल पायी है और न ही समर्थन मूल्य पर इनके धान खरीदारी के लिए एक भी क्रय केन्द्र ही खोला जा सका है. यह अलग बात है कि आवंटित अनुदान के राशि के विरुद्ध संबंधित कर्मियों द्वारा द्वितीय सिंचाई का भी प्रतिवेदन ट्रेजरी को सौंपा जा रहा है. ऐसे में किसानों को मिलने वाले सरकारी योजनाओं से मोह भंग होता जा रहा है. बलैठा के पंसस दुर्गा सिंह, विनय सिंह समेत दर्जनों किसानों ने बताया कि किसानों को अब तक न तो फेलिन चक्रवात की क्षतिपूर्ति राशि मिल पायी है न तो धान सिंचाई के लिए मिलने वाले अनुदान की राशि.
नहीं मिला सिंचाई अनुदान
नहीं मिला सिंचाई अनुदान बेलदौर- प्रखंड क्षेत्र के किसान सुखाड़ की मार झेल साहुकारों से कर्ज लेकर भले ही जैसे तैसे महंगे दरों पर सिंचाई कर धान की खेती से उबर गये. किसान रबी खेती के लिए लगने वाली मोटी पूंजी के लिए सर्मथन मूल्य के अभाव में अपने धान को खलिहानों पर ही औने […]
