डीएम साहब! आप ही कुछ करिये

शिकायत लेकर जा रहे थे जनता दरबार, पहुंच गये अस्पताल खगड़िया : सरकारी स्कूलों में चलायी जा रही सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है. स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को बांटने के लिये दी जाने वाली सरकारी राशि पर विद्यालय के प्रधान कुंडली मार कर बैठे रहते […]

शिकायत लेकर जा रहे थे जनता दरबार, पहुंच गये अस्पताल
खगड़िया : सरकारी स्कूलों में चलायी जा रही सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है. स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को बांटने के लिये दी जाने वाली सरकारी राशि पर विद्यालय के प्रधान कुंडली मार कर बैठे रहते हैं. इसके कारण स्कूलों में बच्चों को सरकारी राशि के लिए पढ़ाई छोड़ जनता दरबार में शिकायत करने की नौबत आ गयी है.
ताजा मामला परबत्ता प्रखंड के उत्क्रमित हाइस्कूल लगार का है, जहां दो शिक्षकों की खींचतान में स्कूली बच्चों को वित्तीय वर्ष 2014-15 व वर्तमान वित्तीय वर्ष में मिलने वाली राशि से वंचित रहना पड़ा है.
कई बार गुहार लगाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होते देख गुरुवार को इस स्कूल के बच्चे डीएम के जनता दरबार में शिकायत करने आ रहे थे कि मानसी के ठाठा के समीप सड़क दुर्घटना का शिकार हो गये. तब जाकर शिक्षा विभाग की नींद टूटी और जिला शिक्षा पदाधिकारी डॉ ब्रज किशोर सिंह सदर अस्पताल पहुंच कर छात्रों से पूछताछ किये, तो पूरा भेद खुला. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इतने दिनों से शिक्षा विभाग के अधिकारी क्यों सोये हुए थे. क्या सरकार द्वारा दी गयी राशि वितरण करवाना विभाग की जिम्मेदारी नहीं है.
इसकी मॉनीटरिंग करने में शिक्षा विभाग के अधिकारी क्यों लापरवाह बने हुए हैं. ऐसे कई सवाल हैं, जो शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा रहे हैं. इसके कारण बच्चों को पढ़ाई छोड़ कर अधिकारी की चौखट पर जाने को मजबूर होना पड़ रहा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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