लाखों की लागत से बना जलमीनार है बेकार

फोटो है 2 मेंकैप्सन- बेकार पड़ा जलमीनार का दृश्यखगडि़या. सदर प्रखंड के रांको पंचायत सहित आसपास की हजारों की आबादी को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए बनाया गया जलमीनार शोभा की वस्तु बन कर रह गयी है. पीएचइडी विभाग द्वारा लाखों की लागत से बीते पांच साल पूर्व जलमीनार बनाया गया था, लेकिन आज […]

फोटो है 2 मेंकैप्सन- बेकार पड़ा जलमीनार का दृश्यखगडि़या. सदर प्रखंड के रांको पंचायत सहित आसपास की हजारों की आबादी को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए बनाया गया जलमीनार शोभा की वस्तु बन कर रह गयी है. पीएचइडी विभाग द्वारा लाखों की लागत से बीते पांच साल पूर्व जलमीनार बनाया गया था, लेकिन आज तक उक्त जल मीनार से एक बूंद पीने लायक पानी नहीं टपका है. ग्रामीण विनोद कुमार, सिकंदर गुप्ता आदि ने बताया कि लाखों की लागत से बना जलमीनार बेकार साबित हो रहा है. इस जल मीनार से कभी कभी गंदा पानी निकलता भी है. तो वह उपयोग के लायक नहीं है. इस पानी का उपयोग लोग कपड़ा धोने या फिर खेत पटवन के लिए करते हैं. विभाग के अधिकारियों को कई बार उक्त जल मीनार की समस्याओं से अवगत कराया गया. लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है. नलकूप हो रहा बरबाद जलमीनार से जलापूर्ति के लिए समीप के क्षेत्रों में दर्जनों नल लगाये गये थे, जिसमें आधा से अधिक नल जमींदोज हो चुके हैं बांकी बचे नल जमींदोज होने के कगार पर पहुंच चुका है. लेकिन आज तक लोगों को एक ग्लास पानी भी नसीब नहीं हो सका है. कहते है अधिकारी पीएचइडी विभाग के कार्यपालक पदाधिकारी उमा शंकर सिंह ने बताया कि अब तक ऐसी शिकायतें नहीं मिली है. इसके बावजूद भी जांच कराये जायेंगे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >