शुरू हुआ मलमास, हर तीन वर्ष में होता है अधिकमास

अगली बार आषाढ़ और मलमास का संयोग 2034 मेंपरबत्ता. हिंदू संस्कृति की मान्यताओं एवं विक्रम संवत तिथि से प्रचलित नाम के अनुसार मलमास यानि अधिकमास शुरू हो गया है. इस बार 19 साल बाद आषाढ माह में मलमास का संयोग बना है. इसके बाद 2034 में यह संयोग दुहरायेगा. इस बार अधिकमास के कारण हर […]

अगली बार आषाढ़ और मलमास का संयोग 2034 मेंपरबत्ता. हिंदू संस्कृति की मान्यताओं एवं विक्रम संवत तिथि से प्रचलित नाम के अनुसार मलमास यानि अधिकमास शुरू हो गया है. इस बार 19 साल बाद आषाढ माह में मलमास का संयोग बना है. इसके बाद 2034 में यह संयोग दुहरायेगा. इस बार अधिकमास के कारण हर त्योहार 20 दिनों की देरी से आयेंगे. संसारपुर निवासी पंडित अजय कांत ठाकुर ने बताया कि हर तीन वर्षों के बाद मलमास लगता है. जुलाई से दिसंबर तक हिंदुओं का जो भी त्योहार आयेगा, वह बीस दिनों की देरी से होगा. किस वर्ष किस माह में लगा अधिकमास 2004 —– श्रावण 2007 —– ज्येष्ठ 2010 —– बैशाख 2012 —– भाद्रपद 2015 —– आषाढ 2018 —– ज्येष्ठ 2020 —– अश्विन 2023 —– श्रावण 2026 —– ज्येष्ठ 2029 —- चैत्र 2031 —– भाद्रपद 2034 —- आषाढ अधिकमास में राजगीर तथा नेपाल नदी में स्नान करने का विशेष महत्व है. जिले के लोग मलमास मेला में राजगीर जाने का मन बना रहे हैं. इस बार यह मलमास 17 जून से 16 जुलाई तक चलेगा. इस बार मंगल से सूर्य की युति बनने से तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है. छिटफुट बारिश होने का योग रहेगा. आषाढ़ माह दो बार गिने जाने जायेंगे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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