फोन रिसीव करने के लिए हो रहे लाखों खर्च

खगड़िया: स्वास्थ्य विभाग द्वारा फोन रिसीव करने के लिए प्रति माह लगभग दो लाख रुपये खर्च किये जा रहे है. पर, कई माह से फोन ही खराब है. इस पर स्वास्थ्य विभाग का ध्यान नहीं है और प्रतिनियुक्ति कर्मी प्रति माह वेतन उठा रहा है. मरीजों की सुविधा के लिए सदर अस्पताल में बनाये गये […]

खगड़िया: स्वास्थ्य विभाग द्वारा फोन रिसीव करने के लिए प्रति माह लगभग दो लाख रुपये खर्च किये जा रहे है. पर, कई माह से फोन ही खराब है. इस पर स्वास्थ्य विभाग का ध्यान नहीं है और प्रतिनियुक्ति कर्मी प्रति माह वेतन उठा रहा है. मरीजों की सुविधा के लिए सदर अस्पताल में बनाये गये एंबुलेंस नियंत्रण कक्ष 102 के लिए पांच नियमित लिपिकों को प्रतिनियुक्ति किया गया है. इन पर प्रतिमाह न्यूनतम दो लाख रुपये खर्च किये जा रहे हैं.

पर, कई माह से नियंत्रण कक्षमें लगाये गये दोनों टेलीफोन खराब पड़े हैं. एंबुलेंस नियंत्रण कक्ष में सिविल सजर्न ने फोन रिसीव करने के लिए मेघौना अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र के लिपिक अशोक कुमार, पीएचसी परबत्ता के लिपिक ओम प्रकाश सिंह, जिला यक्ष्मा केंद्र के लिपिक परमानंद साह, बेलदौर पीएचसी के लिपिक एजाज अहमद तथा पारा मेडिकल कर्मी अभिषेक आनंद को प्रतिनियुक्त किया है. हालांकि फोन रिसीव करने के लिए नियोजित कर्मियों को भी लगाया जा सकता था, लेकिन नियमित कर्मी को फोन रिसीव करने के लिए लगाया गया है. एंबुलेंस नियंत्रण कक्ष में लोगों की सुविधाओं के लिए दो फोन लगाये गये है. इसका नंबर -06244 -223102, 06244-223103 है और दोनों ही फोन खराब हैं. एंबुलेंस सेवा 102 की भूमिका स्वास्थ्य के क्षेत्र में अहम मानी जाती है. गर्भवती महिला, बीमार नवजात, सीनियर सिटीजन, सड़क दुर्घटना में घायल, बीपीएल से जुड़े मरीज, कालाजार रोगी सहित अन्य को नि: शुल्क एंबुलेंस उपलब्ध कराया जाता है. वहीं आर्थिक रूप से मजबूत मरीज को प्रति किलो मीटर की 9 रुपये 50 पैसे की दर से राशि ली जाती है. सदर अस्पताल में 102 नंबर की दो एंबुलेंस हैं, जबकि सभी पीएचसी में एक-एक एंबुलेंस उपलब्ध है.

कहते हैं सीएस: सीएस डॉ विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि कर्मियों को लोगों की सुविधा के लिए प्रतिनियुक्त किया गया था. टेलीफोन खराब होने की जानकारी नहीं है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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