चालक अपनी मरजी से जहां चाहते हैं, वहीं वाहन रोक कर सवारी बैठाने लगते हैं. बेंजामीन चौक, लक्ष्मी सिनेमा रोड, अस्पताल चौक, स्टेशन रोड आदि जगहों पर ऑटो चालकों द्वारा अवैध रूप से स्टैंड बना कर पैसेंजर को बैठाने का काम किया जा रहा है. उस पर भी अधिकतर चालक नाबालिग हैं. हालत यह है कि ऑटो पर जबरन 15-18 लोगों को बैठाया जाता है.
इससे ऑटो अनियंत्रित होकर ही किसी तरह गंतव्य तक पहुंचती है. ऐसे में किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता है. कुछ दिन पहले की बात करें तो सड़क दुर्घटनाओं में जिले भर में दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है. इसके बावजूद लोग परिवहन नियम को ताक पर रख कर बेधड़क वाहन का परिचालन करते नजर आ रहे हैं. ऐसा नहीं नहीं है कि इन सब चीजों से जिला प्रशासन अंजान है. अगर समय रहते ओवरलोडिंग पर नियंत्रण नहीं किया गया, दो दुर्घटनाओं की रफ्तार ऐसे ही बढ़ती नजर आयेगी.
