गोगरी: नगर पंचायत गोगरी जमालपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में गरमी के साथ ही मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है. पर, प्रशासनिक स्तर पर इसकी रोकथाम के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है. वहीं मच्छरों के प्रकोप के कारण क्षेत्र में मलेरिया व कालाजार के लोग शिकार होते रहे हैं. पर, नगर पंचायत की ओर से इस ओर कोई पहल नहीं की जा रही है.
मच्छरों की रोकथाम के लिए खरीदी गयी फॉगिंग मशीन भी नगर पंचायत की उदासीनता के कारण बेकार हो गयी है. फॉगिंग मशीन रहते हुए भी क्षेत्र में बीते लगभग डेढ़ वर्ष से फॉगिंग कार्य नहीं कराया गया है और लाखों की उक्त मशीन बरबाद होने के कगार पर है.
नपं प्रशासन द्वारा मच्छरों की रोकथाम के लिए वर्ष 2010 में लगभग एक लाख 70 हजार रुपये की लागत से फॉगिंग मशीन की खरीद की गयी. फॉगिंग मशीन में डीजल, पेट्रोल के अलावा मलेशियान नामक लिक्विड केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है, जो मशीन के सहारे गहरा धुंआ छोड़ता है. इससे मच्छर मर व भाग जाते हंै. नपं वासियों के अनुसार फॉगिंग मशीन खरीद के बाद लोगों में यह आशा जगी थी कि फॉगिंग मशीन के सहारे मच्छरों के प्रकोप से निजात मिलेगी, परंतु इसका समुचित उपयोग होते नहीं देख लोग निराश हैं. जमालपुर के जयप्रकाश घोष, मो रेहान आदि कहते हैं जब फॉगिंग कार्य नहीं करना था तथा फॉगिंग करना महंगा पड़ रहा था, तो मशीन खरीदी क्यों गयी, जो रखे-रखे ही बेकार हो रही है.
क्या कहते हैं नगर पंचायत अधिकारी : नपं के प्रभारी कार्यपालक अधिकारी रंजीत कुमार सिंह के अनुसार फॉगिंग मशीन खराब थी, जो अब ठीक करवा ली गयी है. इन सब चीजों में खर्च आंतरिक संसाधन के माध्यम से किया जाता है. आय यहां कम है. वैसे अधिक व्यय होने के बावजूद भी अब सप्ताह में दो दिन क्षेत्र में फॉगिंग की योजना बनायी गयी है, जो अब शुरू करायी जायेगी.
