बेलदौर. प्रखंड क्षेत्र के पश्चिमी पार कैंजरी में एक बच्चे में एएफपी का संदेहास्पद लक्षण मिलने का मामला प्रकाश में आया है. गांव के मसीद आलम की सवा वर्षीय पुत्री सादिया सिद्दीकी का दांया पांव 14 मई को अचानक लुंजपुंज हो गया. परिजनों ने जब समीप के सोनवर्षा राज पीएचसी में बच्ची को दिखाया, तो जांचोपरांत चिकित्सको बच्ची मंे एएफपी के संदेहास्पद लक्षण होने की आशंका जतायी. चिकित्सकों ने पीडि़त बच्ची के स्टूल का नमूना लैब में भेजा है. हालांकि स्थानीय पीएचसी ने ऐसी किसी शिकायत के नहीं मिलने की बात कही है. पीएचसी प्रभारी डॉ देवेंद्र प्रसाद ने बताया कि पंचायत के मुखिया से उक्त मामले की जानकारी मिली थी. एएफपी(एक्यूट प्रेसिस पारालिसिस) यानी शरीर के अंगों का लुंज-पुंज होना कई कारणों से होता है. एक पखवारे बाद स्टूल नमूने के जांच रिपोर्ट मिलने पर ही पोलियो या अन्य कारणों से शरीर के अंग के लुंजपुंज होने की पुष्टि हो पायेगी. पटना स्थित लैब में जांच के लिए स्टूल नमूना भेज दिये जाने की जानकारी मिली है.
एएफपी के संदेहास्पद मरीज मिलने से सनसनी
बेलदौर. प्रखंड क्षेत्र के पश्चिमी पार कैंजरी में एक बच्चे में एएफपी का संदेहास्पद लक्षण मिलने का मामला प्रकाश में आया है. गांव के मसीद आलम की सवा वर्षीय पुत्री सादिया सिद्दीकी का दांया पांव 14 मई को अचानक लुंजपुंज हो गया. परिजनों ने जब समीप के सोनवर्षा राज पीएचसी में बच्ची को दिखाया, तो […]
