अधर में है जलापूर्ति योजना का कार्य

2010 में ही हुआ था शिलान्यास, अब तक नहीं हुआ कार्य पूरा प्रतिनिधि, गोगरीनगर पंचायत गोगरी जमालपुर में जलापूर्ति योजना के तहत जलापूर्ति कार्य अधर में है. इस ओर न ता नगर पंचायत ध्यान दे रहा है और न ही पीएचइडी. उदासीनता के कारण नपं के लोगों का स्वच्छ जलापूर्ति का सपना चार वर्ष बाद […]

2010 में ही हुआ था शिलान्यास, अब तक नहीं हुआ कार्य पूरा प्रतिनिधि, गोगरीनगर पंचायत गोगरी जमालपुर में जलापूर्ति योजना के तहत जलापूर्ति कार्य अधर में है. इस ओर न ता नगर पंचायत ध्यान दे रहा है और न ही पीएचइडी. उदासीनता के कारण नपं के लोगों का स्वच्छ जलापूर्ति का सपना चार वर्ष बाद भी साकार नहीं हो सका है. अब भी लोग दूषित जल पीने को विवश हैं. नपं में जलापूर्ति योजना के तहत 2010 में जलापूर्ति के लिए लगभग डेढ़ करोड़ की लागत से जलमीनार व जलापूर्ति पाइप लगाये जाने का शिलान्यास किया गया. बाद में विधायक कीपहल के बाद 2011 में कार्य आरंभ किया गया, जो अब तक पूर्ण नहीं हुआ. जलमीनार बना दी गयी, कुछ जगहों पर पाइप भी बिछा दी गयी, लेकिन अब तक कार्य अधूरा है. वहीं विभागीय उदासीनता के कारण नगर पंचायत में चार-पांच माह से रोजाना हजारों लीटर पानी बरबाद हो रहा है. अधूरा कार्य पड़े होने के कारण जगह-जगह लगाये गये खुले नल के पाइप से घंटों सप्लाइ का पानी बहता रहता है. इससे एक तरफ जल की बरबादी हो रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग पानी को तरस रहे हैं. जलापूर्ति का कार्य 2012 तक पूर्ण हो जाना था. प्रभारी नगर पंचायत अधिकारी रंजीत कुमार सिंह ने बताया कि अबतक कार्य पूर्ण नहीं हुआ है. कार्य का जिम्मा पीएचइडी के अधीन है. इस संबंध में वरीय अधिकारी को भी लिखा जायेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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