प्रतिनिधि, अलौलीग्राम कचहरी गोरियामी के सरपंच प्रसादी सदा द्वारा रिश्वत में पांच सौ रुपये लेकर फर्जी तरीके से वंशावली बनाये जाने के मामले में अलौली थाना में आयुक्त मुंगेर के निर्देश पर मामला दर्ज किया गया है.जिसकी पुष्टि थाना समेत डीआरडीए निदेशक सह अलौली प्रखंड प्रभारी पदाधिकारी विंदेश्वरी प्रसाद ने की. अंचल अधिकारी द्वारा सरपंच द्वारा बने फर्जी वंशावली की गहन जांच शुरू कर दी गयी है. इस कारण कई सरपंचों पर गाज गिरने की संभावना बनी हुई है. कैसे हुई कार्रवाईमुंगेर आयुक्त के समक्ष रविवार को ग्रामीणों ने सात मई को प्रभात खबर में छपी खबर ग्राम कचहरी में बनायी जा रही है फर्जी वंशावली की प्रति संलग्न कर ग्रामीण ने आवेदन देकर शिकायत की थी. उक्त खबर से क्षेत्र के लोग जागरूक होकर शिकायत दर्ज की. इस पर मामला थाना में दर्ज हुआ. कैसे बनता है फर्जी वंशावलीसरंपच के पास आवेदक अपने स्तर से वंशावली बना कर ले जाता है. सरपंच साहब को खुशनामा मिलने के साथ ही सरपंच का हस्ताक्षर मुहर लगा दिया जाता है. बस बन गयी आपकी वंशावली.कचहरी कैसे बनाती है वंशावली ग्राम कचहरी में आवेदन देकर वंशावली की मांग की जाती है. सरपंच न्यायपीठ का गठन करती है. फिर ग्राम कचहरी के आदेश प्रपत्र क में अंकित कर वंशावली निर्गत की जाती है. सरपंच का अधिकार ग्राम कचहरी का न्यायपीठ को वंशावली बनाने का अधिकार है. किंतु सिर्फ सरपंच को कुछ भी अधिकार नहीं होता. जहां भी सरपंच के मात्र हस्ताक्षर से वंशावली बनी है. नियमत: वह गलत है. मिल सकती है सजा गलत तरीके से वंशावली बनाने या फिर नियम संगत ग्राम कचहरी का संचालन नहीं करने के आरोप में मामला दर्ज कर सजा मिल सकती है. ग्राम कचहरी निचली स्तर का न्यायालय है.
गोरियामी सरंपच प्रसादी सदा पर मामला दर्ज
प्रतिनिधि, अलौलीग्राम कचहरी गोरियामी के सरपंच प्रसादी सदा द्वारा रिश्वत में पांच सौ रुपये लेकर फर्जी तरीके से वंशावली बनाये जाने के मामले में अलौली थाना में आयुक्त मुंगेर के निर्देश पर मामला दर्ज किया गया है.जिसकी पुष्टि थाना समेत डीआरडीए निदेशक सह अलौली प्रखंड प्रभारी पदाधिकारी विंदेश्वरी प्रसाद ने की. अंचल अधिकारी द्वारा सरपंच […]
