प्रतिनिधि, खगडि़यासदर प्रखंड के अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार का वितरण बंद है. पोषाहार नहीं मिलने के कारण केंद्र पर बच्चे की उपस्थिति नगण्य होने लगा है. आंगनबाड़ी सेविकाओं की भीड़ बाल विकास परियोजना कार्यालय में लगी रहती है. लेकिन परियोजना के वरीय क्लर्क प्रभार के बहाने फरार रहते है. सेविकाओं ने बताया कि परियोजना के बड़ा बाबू चौथम में प्रभार के बहाने कार्यालय सें गायब रहते है. राशि उपलब्ध रहने के बावजूद भी किसी केंद्र पर पोषाहार की राशि नहीं भेजी जाती है.सेविकाओं ने सीडीपीओ को बताया कि आठ माह से उनलोगों को मानदेय नहीं दिया जा रहा है. मानदेय के बदले सेवा शुल्क की भी मांग की जाती है.जांच के नाम पर लगातार आर्थिक दोहन किया जाता है. सेविकाओं ने बाल विकास परियोजना पदाधिकारी किरण कुमारी से मिल कर केंद्रों के लिए पोषाहार राशि भिजवाने का आग्रह की है.इधर सीडीपीओ ने बताया कि एक सप्ताह के अंदर सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार की राशि भेज दी जायेगी. सीडीपीओ ने सेविकाओं को आश्वासन दिया कि जल्द ही उन्हें मानदेय की राशि भेज दी जायेगी. गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर कार्रवाई भी की जायेगी.उल्लेखनीय है कि सदर प्रखंड में लगभग 235 आंगनबाड़ी केंद्र है.
आंगनबाड़ी केंद्रों पर नहीं होता है पोषाहार का वितरण
प्रतिनिधि, खगडि़यासदर प्रखंड के अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार का वितरण बंद है. पोषाहार नहीं मिलने के कारण केंद्र पर बच्चे की उपस्थिति नगण्य होने लगा है. आंगनबाड़ी सेविकाओं की भीड़ बाल विकास परियोजना कार्यालय में लगी रहती है. लेकिन परियोजना के वरीय क्लर्क प्रभार के बहाने फरार रहते है. सेविकाओं ने बताया कि परियोजना […]
