गोगरी. आजकल आरटीआइ के तहत मांगी गयी सूचना को भी अधिकारी देने में रुचि नहीं लेते हैं. यह आरोप है आरटीआइ कार्यकर्ता मुश्कीपुर निवासी रिजवाना शाहिन का. उनका कहना है कि 19 जुलाई, 2013 को आरटीआइ के तहत सूचना मांगी थी. उन्होंने अंचलाधिकारी गोगरी से यह सूचना मांगी थी कि जमीन उपलब्ध नहीं होने के बावजूद अंचल कार्यालय द्वारा किस प्रकार रसीद काटी जा रही है, लेकिन आज तक इसकी सूचना नहीं दी गयी है. बाद में 20 दिसंबर, 2014 को गोगरी अनुमंडल कार्यालय से भी सूचना मांगी गयी थी.
डेढ़ वर्ष बाद भी नहीं मिली सूचना
गोगरी. आजकल आरटीआइ के तहत मांगी गयी सूचना को भी अधिकारी देने में रुचि नहीं लेते हैं. यह आरोप है आरटीआइ कार्यकर्ता मुश्कीपुर निवासी रिजवाना शाहिन का. उनका कहना है कि 19 जुलाई, 2013 को आरटीआइ के तहत सूचना मांगी थी. उन्होंने अंचलाधिकारी गोगरी से यह सूचना मांगी थी कि जमीन उपलब्ध नहीं होने के […]
