क्षतिग्रस्त तटबंधों को चिह्न्ति कर उसका मरम्मत कराने के भी निर्देश दिये गये है. इसके बावजूद अगर बाढ़ आती है तो लोगों को कम नुकसान हो, इसके लिए कई विभागों के पदाधिकारियों को भी डीएम द्वारा निर्देश दिया गया है. नाव की व्यवस्था, गोताखोरों की खोज, गोताखोरों को प्रशिक्षण, ऊंचे स्थलों का चयन, आवश्यक एवं जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता, मेडिकल टीम का गठन, खाने-पीने की व्यवस्था, शौचालय, पशुचारा सहित कई मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था करने हेतु अभी से ही तैयारी करने को कहा गया है. भूकंप को रोका तो नहीं जा सकता है, लेकिन इससे अधिक नुकसान न हो इसका ध्यान रखा गया है. आपदा प्रभारी श्री सिन्हा ने कहा कि भूकंप के बचाव के लिए लोगों में जागरूकता लायी जा रही है.
बीते दिनों भूकंप सुरक्षा सप्ताह का भी आयोजन किया गया था. प्रभावित लोगों का ससमय एवं समुचित इलाज की व्यवस्था के लिए सिविल सजर्न को निर्देश दिया गया है. उन्होंने बताया कि सभी पीएचसी में आवश्यक दवा उपलब्ध करायी गयी है. आगजनी की घटना पर त्वरित नियंत्रण के लिये अगिAशामक दस्ता को जिला स्तर से मुस्तैद रहने को कहा गया है. राहत एवं बचाव के लिए एनडीआरएफ की टीम मंगायी गयी है.
