महेशखंूट. जिले की ह्रदयस्थली के रूप में विख्यात महेशखंूट को प्रखंड बनाने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है. महेशखंूट कटिहार-बरौनी रेलखंड का महत्वपूर्ण स्टेशन है, जहां से लाखों रुपये का राजस्व प्रति दिन सरकार को प्राप्त हो रहा है. इसके आसपास चैधा व गौछारी दो हॉल्ट भी हैं. महेशखंूट के एनएच-31 से भागलपुर, पूर्णिया व कटिहार होते हुए दूसरे अन्य राज्यों बंगाल, असोम सहित अन्य राज्यों तक जाने के लिए सुविधा है. वहीं एनएच 107 से सहरसा, मधेपुरा, सुपौल होते हुए नेपाल तक जाने के लिए सड़कों का जाल बिछा हुआ है. महेशखंूट में एक कॉलेज व आधा दर्जन हाइस्कूल तथा दर्जनों मिडिल व प्राइमरी स्कूल संचालित हैं. सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक थाना भी है. इसके आसपास आधा दर्जन बैंक की शाखा व कई सरकारी, गैर सरकारी संस्थान भी हंै. ग्रामीणों ने पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी से मिलकर महेशखूंट को प्रखंड बनाने की मांग की थी. जिप सदस्य ममता कुमारी ने बताया कि महेशखंूट को प्रखंड बनाने का प्रयास किया जा रहा है. जदयू नेता अशोक सिंह ने कहा कि प्रखंड मुख्यालय के लिए जमीन उपलब्ध है, सिर्फ आवश्यकता है आदेश की.
महेशखूंट को प्रखंड बनाने की मांग
महेशखंूट. जिले की ह्रदयस्थली के रूप में विख्यात महेशखंूट को प्रखंड बनाने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है. महेशखंूट कटिहार-बरौनी रेलखंड का महत्वपूर्ण स्टेशन है, जहां से लाखों रुपये का राजस्व प्रति दिन सरकार को प्राप्त हो रहा है. इसके आसपास चैधा व गौछारी दो हॉल्ट भी हैं. महेशखंूट के एनएच-31 से भागलपुर, पूर्णिया […]
