जगह- जगह गंदगी का आलमगेट से लेकर वार्ड के बगल में भी है गंदगी का अंबारप्रतिनिधि, गोगरी नगर पंचायत की पहचान तो गंदगी के लिए हो ही रही है अब अस्पताल भी इससे पीछे रहने को तैयार नहीं है. दोनों के बीच गंदगी को लेकर प्रतिस्पर्द्धा हैं, जिसे देख कर स्वच्छता अभियान के साथ विभागीय लापरवाही की पोल खुल रही है. अस्पताल में स्वच्छता का हालरेफरल अस्पताल में अगर बात स्वच्छता व सफाई की करें तो अस्पताल के गेट के पास पहुचते हीं गेट व आसपास गंदगी व उड़ते हुए धूल के साथ पॉलीथिन नजर आ जायेगी. इसके बाद गेट के अंदर प्रवेश करने पर वर्तमान में पुराने भवन में जहां आउटडोर चलाया जा रहा है. वहां भवन के बगल व पीछे गंदगी दिखायी देगी. उसके बाद रेफरल अस्पताल के भवन के वार्ड व शौचालय के पास जहां गंदगी का अंबार लगा नजर आता है और शौचालय की स्थिति देख मन भिन्ना जाता है. वहीं अस्पताल वार्ड के बगल में जंगल झाड़ उग आए हैं, जिसे देखने वाला भी कोई नहीं है. अब अस्पताल भवन के अंदर जाएं तो वार्ड में किसी बेड पर चादर नहीं दिखेंगे. कचरे तो नहीं पर धूल अवश्य दिख जायेगी. वहीं पूर्व के प्रसव कक्ष के पास भी गंदगी नजर आयेगी. कहते हैं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारीरेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अरुण कुमार सिन्हा के अनुसार अस्पताल में साफ सफाई का ख्याल रखा जाता है. अस्पताल के अंदर रोज दो से तीन बार या ज्यादा भी सफाई होती है. अस्पताल के बाहर समय समय पर सफाई होती है. अस्पताल का कूड़ा कचड़ा वाहन वाले ले जाते हैं. हां बाहर में अगर गंदगी है तो यह नपं के अधीन है.
नगर पंचायत और रेफरल अस्पताल के बीच गंदगी को ले हो रही है प्रतिस्पर्द्धा
जगह- जगह गंदगी का आलमगेट से लेकर वार्ड के बगल में भी है गंदगी का अंबारप्रतिनिधि, गोगरी नगर पंचायत की पहचान तो गंदगी के लिए हो ही रही है अब अस्पताल भी इससे पीछे रहने को तैयार नहीं है. दोनों के बीच गंदगी को लेकर प्रतिस्पर्द्धा हैं, जिसे देख कर स्वच्छता अभियान के साथ विभागीय […]
