फोटो है 1 में कैप्सन : नुक्कड़ नाटक का आयोजन करते कलाकार प्रतिनिधि, गोगरीस्वतंत्रता संग्राम में भारत की आजादी के लिए अंग्रेजों से लोहा लेते हुए फांसी पर चढ़ कर 23 मार्च 1931 को शहीद हुए भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहादत दिवस पर जमालपुर गोगरी इलाके में नौजवान संघर्ष सभा द्वारा नुक्कड़ सभा किया गया. नौजवान संघर्ष सभा के सदस्य जमालपुर बाजार के बघवा चैक, जमालपुर के हटिया बाजार, शाहनगर, नवलकिशोर टोला, पासवान टोला, माली टोला इत्यादि जगह पर भगत सिंह और उनके साथियों को याद करते हुए नुक्कड़ सभा किया. इस अवसर पर नौजवान संघर्ष सभा के सदस्य नवीन कुमार ने कहा कि भगत सिंह जिस समाज की स्थापना करना चाहते थे. वैसा समाज नहीं बन सका देश में आज भी 30 करोड़ लोग बेरोजगारी के कारण चप्पल फटकार रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ मुट्ठी भर लोग मिनटों में लाखों रुपये अपनी ऐयाशी में उड़ा रहे हैं. एक तरफ नौ हजार बच्चे भूख और कुपोषण से मरते हैं. दूसरी तरफ लाखों टन आनाज गुदाम में सड़ता रहता है. सभा को संबोधित करते हुए नौजवान संघर्ष सभा के संजीव ने कहा कि अपने इलाके में अस्पताल की हालत बिगड़ी है. गरीब को न ठीक से देखा जाता है और ऊपर से अपनमानित भी किया जाता है. सभा में आगे बात रखते हुए अमित ने कहा कि भगत सिंह को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि गरीब मेहनतकश जनता के हक और अधिकार के लिए लड़ा जाये. इसलिए 29 मार्च से भगवन हाई स्कूल के मैदान में इलाके के 10 मांगों को लेकर श्अधिकार सत्याग्रह शुरू करने का ऐलान किया गया. इस अवसर पर नौजवान संघर्ष सभा के मो मोइम, रोशन, दिलीप, संदीप, हरितेश, गोविन्द, बिट्टू, मुरारी, मो लाल, ब्रजेश ,निर्मल,लिपिका, रागिनी और रुचिका आदि उपस्थित थे.
सपूतों के शहादत दिवस पर नुक्कड़ नाटक
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