फोटो है 6 व 7 मेंकैप्सन- दीप प्रज्वलित करते डीएम व उपस्थित पैक्स अध्यक्ष खगडि़या. हरे भरे पौधों को जन्म देने वाले निष्क्रिय बीज भी उपचार के बाद सक्रिय हो जाते हैं. उक्त बातें मंगलवार को स्थानीय रेडक्रॉस सभा भवन में आयोजित एक दिवसीय सहकारी कार्मिक प्रशिक्षण के दौरान जिलाधिकारी राजीव रोशन ने कही. कार्यक्रम का उद्घाटन डीएम ने दीप प्रज्वलित कर किया. वहीं भागलपुर इफ्को के क्षेत्रीय प्रबंधक सोमेश्वर सिंह ने बताया कि इफ्को देश में रसायन व बीज उत्पादन में अव्वल है. इफ्को के हजारों शाखा के माध्यम से किसान को लाभ पहुंचाया जा रहा है और किसान को कृषि संबंधित विभिन्न प्रकार के विधि की जानकारी दी जा रही है. जिला कृषि पदाधिकारी विष्णु देव कुमार रंजन ने बताया कि बौनी जाति के धान प्रति हेक्टेयर उपजाऊ जमीन में वेवस्टिन दो ग्राम प्रति किलो बीज में 45 लीटर पानी में घोल कर 25 किलो ग्राम बीज को 10-12 घंटे तक भिंगों कर रखने से बौनी धान होने की संभावना कम रहती है. इसी तरह शंकर मक्का, ज्वार, बाजरा, सोयाबीन, आलू, गन्ना , गेहूं , जौ, चना, मटर आदि को भी इसी तरह प्रयोग करने से अच्छी बीज उत्पादन होती है. कार्यक्रम में जिला सहकारिता पदाधिकारी रामाश्रय राम ने भी सहकारिता विभाग द्वारा दिये जा रहे किसान को लाभ के बारे में बताया. मौके पर दर्जनों किसान उपस्थित थे.
निष्क्रिय बीज भी उपचार से हो जाता है अंकुरित
फोटो है 6 व 7 मेंकैप्सन- दीप प्रज्वलित करते डीएम व उपस्थित पैक्स अध्यक्ष खगडि़या. हरे भरे पौधों को जन्म देने वाले निष्क्रिय बीज भी उपचार के बाद सक्रिय हो जाते हैं. उक्त बातें मंगलवार को स्थानीय रेडक्रॉस सभा भवन में आयोजित एक दिवसीय सहकारी कार्मिक प्रशिक्षण के दौरान जिलाधिकारी राजीव रोशन ने कही. कार्यक्रम […]
