इस पर जिला प्रशासन भी ध्यान नहीं दे रहा है. पान की गुमटी व सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू नियंत्रण के लिए सिर्फ पोस्टर लगा देने से तंबाकू की बिक्री व सेवन पर लगाम नहीं लगाया जा सकता. बल्कि लगातार कार्रवाई होने के बाद ही तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम धरातल पर उतर सकेगा. यह बात अलग हैं कि जिला तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत धावा दलों ने अब तक सैकड़ों लोगों पर इस संबंध में कार्रवाई की गयी है, लेकिन इसका कोई खास असर तंबाकू विक्रे ता पर नहीं पड़ा है.
तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम का नहीं हो रहा जिले में पालन
खगड़िया: एक ओर जहां भारत सरकार तंबाकू सेवन पर रोक लगाने के लिए राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम चला रही है. वहीं दूसरी ओर जिले में तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम सिर्फ विभागीय फाइलों तक सिमट कर रह गया है. इसके कारण जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंड तक, मंदिर से लेकर विद्यालय तक खुले आम तंबाकू बेचने का […]

खगड़िया: एक ओर जहां भारत सरकार तंबाकू सेवन पर रोक लगाने के लिए राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम चला रही है. वहीं दूसरी ओर जिले में तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम सिर्फ विभागीय फाइलों तक सिमट कर रह गया है. इसके कारण जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंड तक, मंदिर से लेकर विद्यालय तक खुले आम तंबाकू बेचने का कारोबार किया जा रहा है.
कहते हैं सामाजिक कार्यकर्ता
सामाजिक कार्यकर्ता सुभाष चंद्र जोशी, युवा शक्ति के प्रदेश अध्यक्ष नागेंद्र सिंह त्यागी, जिलाध्यक्ष चंदन सिंह, वार्ड पार्षद शिवराज यादव आदि ने बताया कि तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम का पालन जिले में कहीं भी नहीं किया जा रहा है. स्कूल, मंदिर, प्लेटफॉर्म, सार्वजनिक स्थल आदि जगहों पर धड़ल्ले से इस कानून की धज्जियां उड़ायी जा रही है. लोगों ने बताया कि जिला प्रशासन के हस्तक्षेप से ही इस कार्यक्रम को सफल बनाया जा सकता है.
क्या है कानून
धारा-चार : सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू का सेवन करने पर 200 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है.
धारा-पांच : तंबाकू उत्पादों के सभी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष विज्ञापनों पर हजार रुपये तक का जुर्माना या जेल या दोनों हो सकता है.
धारा-छह: 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को तंबाकू बेचना या उसके द्वारा तंबाकू उत्पादों के बेचे जाने पर तथा किसी भी शैक्षिक संस्थान के हजार वर्ग गज दायरे में तंबाकू बेचने पर 200 रुपया तक का जुर्माना हो सकता है.
धारा-सात: तंबाकू उत्पादों पर स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी नहीं रहने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना या जेल या दोनों हो सकता है.