काम बढ़ा पर नहीं बढ़े कर्मी

लोक संवेदना भवन में हुई कर्मियों की प्रतिनियुक्तिप्रतिनिधि, खगडि़या काम तो आये दिन बढ़ रहे हैं, जबकि काम करने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं हो रही है. इससे समाहरणालय के साथ -साथ अनुमंडल, प्रखंडों व अंचलों के कर्मी दबाव में है. हाल के ही दिनों में समाहरणालय अवस्थित बने लोक संवेदना भवन का […]

लोक संवेदना भवन में हुई कर्मियों की प्रतिनियुक्तिप्रतिनिधि, खगडि़या काम तो आये दिन बढ़ रहे हैं, जबकि काम करने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं हो रही है. इससे समाहरणालय के साथ -साथ अनुमंडल, प्रखंडों व अंचलों के कर्मी दबाव में है. हाल के ही दिनों में समाहरणालय अवस्थित बने लोक संवेदना भवन का भी उद्घाटन हुआ है. समाहरणालय आने वाले आम लोगों की सहायता के लिए अब यहां भी कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गयी है. इस माह 17 कर्मियों की प्रतिनियुक्ति डीएम राजीव रोशन ने लोक संवेदना भवन में किया है. प्रत्येक कर्मी एक- एक दिन इस भवन में काम करेंगे . जिससे कर्मी परेशान है कुछ कर्मियों ने बताया कि पहले से काम का अधिक बोझ रहने से परेशान है. एक-एक कर्मी के पास कई अतिरिक्त कार्य है, जो ससमय कर नहीं पाते है. अब लोक संवेदना भवन का भी बोझ उन पर ही लाद दिया गया है. ऐसे में उनकी परेशानी और बढ़ेगी. कुछ ने बताया कि वे अपना कार्यालय छोड़ एक दिन लोक संवेदना भवन में ड्यूटी करेंगे. जिससे उनके कार्यालय में कई कार्य पेंडिंग रह जायेंगे. जिसे उन्हें ही निष्पादन करना है ससमय कार्य करने का दबाव प्राय: बना रहता है ऐसे में इनकी समस्याओं को सहज ही समझा जा सकता है. उल्लेखनीय है कि जिले में रिक्तियां 150 के आसपास है, जबकि इसके विरुद्ध कर्मियों की संख्या 70 के आस पास पहुंच गयी है. इसमें अधिकांश कर्मी सेवानिवृत्त हो चुके है, जबकि नयी बहाली नहीं हुई है. हाल के दिनों में कई कार्य भी बढ़े है. जिसका सारा बोझ शेष बचे कर्मियों को ही उठाना पड़ रहा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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