अलौली. युवाओं में कानून की जानकारी होने से स्वत: ही शिष्टाचार आती है. ज्यादातर अपराध अनजाने में होती है. उक्त बातें व्यवहार न्यायालय के न्यायिक दंडाधिकारी पीसी वर्मा ने शनिवार को आंबेडकर आवासीय हाइस्कूल में नाबालिगों को यौन अपराध से बचने पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम में कही. उन्होंने कहा कि बाल शोषण व बाल यौन शोषण में अंतर है. युवतियों को यौन शोषण से बचाने के लिए विधिक जागरूकता के तहत यह कार्यक्रम चलायी जा रहा है. उन्होंने बताया कि लड़की की पीछा करना, वीडियो ग्राफी करना, अश्लील फिल्म रखना अपराध की श्रेणी में आता है. शिविर को संबोधित करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल देव प्रसाद ने बताया कि युवाओं का चरित्र निर्माण की आवश्यकता है. शिविर का संचालन आवासीय हाइस्कूल के एचएम राजेंद्र पोद्दार ने किया. मौके पर शिक्षक प्रकाश यादव, रामउदय कुमार, मनोज ठाकुर, हरेराम राय, बिंदु देवी उपस्थित थे.
कानून की जानकारी से शिष्टाचार आती है :पीसी वर्मा
अलौली. युवाओं में कानून की जानकारी होने से स्वत: ही शिष्टाचार आती है. ज्यादातर अपराध अनजाने में होती है. उक्त बातें व्यवहार न्यायालय के न्यायिक दंडाधिकारी पीसी वर्मा ने शनिवार को आंबेडकर आवासीय हाइस्कूल में नाबालिगों को यौन अपराध से बचने पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम में कही. उन्होंने कहा कि बाल शोषण व बाल यौन […]
