नियम की अनदेखी के लिए जिम्मेवार कौन?

-मामला कार्यपालक सहायक व आइटी सहायक के नियोजन का-डीएम की अध्यक्षता में कमेटी का गठन कर हुआ था नियोजन-पैनल की जांच के कारण कार्यपालक सहायक व आइटी सहायक को छह महीने से नहीं मिला मानदेय-वर्ष 2011 से 2013 तक कई बार बना पैनलप्रतिनिधि, खगडि़यावर्ष 2011 से 2013 तक कार्यपालक सहायकों के नियोजन को लेकर बनाये […]

-मामला कार्यपालक सहायक व आइटी सहायक के नियोजन का-डीएम की अध्यक्षता में कमेटी का गठन कर हुआ था नियोजन-पैनल की जांच के कारण कार्यपालक सहायक व आइटी सहायक को छह महीने से नहीं मिला मानदेय-वर्ष 2011 से 2013 तक कई बार बना पैनलप्रतिनिधि, खगडि़यावर्ष 2011 से 2013 तक कार्यपालक सहायकों के नियोजन को लेकर बनाये गये पैनल की जांच पर अभी भी अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका है. मालूम हो कि पैनल निर्माण के लिए डीएम ने एक कमेटी का गठन किया है. जांच रिपोर्ट से फिलहाल यह बातें सामने आ रही है कि नियमावली के विपरीत कार्यपालक सहायक व आइटी सहायक का नियोजन किया गया. वर्ष 2013 में बनाये गये पैनल के कुछ अभ्यर्थियों ने कार्यपालक सहायक के नियोजन में अनियमितता का आरोप लगाया था. अभ्यर्थियों का कहना है कि पैनल के क्रमांक में उलटफेर कर कार्यपालक सहायक का नियोजन किया गया. जबकि आइटी सहायक के पैनल की भी जांच की गयी. इस पैनल में भी नियमावली के विपरीत आइटी सहायक का नियोजन किया गया.-जांच में निष्पक्षता का अभाव वर्ष 2013 में बनाये गये नियोजन पैनल की जांच होनी थी. इसी पैनल से संबंधित कुछ अभ्यर्थियों ने डीएम को आवेदन देकर कार्यपालक सहायक के नियोजन में गड़बड़ी का आरोप लगाया था. लेकिन वर्ष 2013 में बनाये गये पैनल की जांच के बजाये सभी पैनलों की जांच के आदेश दिये गये. जांच की निष्पक्षता पर भी उक्त अभ्यर्थियों ने सबाल उठाये थे.-2011 में बना तीन पैनलजांच रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2011 में तीन बार पैनल बनाया गया. सूत्रों की माने तो एक पैनल को छोड़कर शेष पैनल का अनुमोदन सक्षम पदाधिकारी के द्वारा नहीं कराया गया. इसके अलावा एक पैनल खत्म हुआ नहीं कि दूसरा पैनल तैयार किया गया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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