अलौली. कालाजार मरीजों के लिए दवा आ गयी है. इसे एमवीसोम के नाम से जाना जाता है. इसके एक बार उपयोग से ही कालाजार बीमारी ठीक होगी. दहमा खैरी खुटहा पंचायत के मोहनपुर गांव के महेंद्र सदा की 13 वर्षीय पुत्री राम कुमारी को प्रखंड का पहला कालाजार मरीज के रूप में दवा दी गयी. अलौली अस्पताल के कालाजार तकनीकी पर्यवेक्षक अरुण कुमार ने बताया कि उक्त दवा काफी महंगी है. 50 एमजी दवा की कीमत करीब 10 हजार रुपये होती है. मरीज के वजन के अनुसार दवा दी जाती है. प्रति किग्रा वजन पर 10 एमजी दवा दी जानी है. श्री कुमार ने बताया कि पहले इस बीमारी का इलाज काफी दिनों तक चलता था.
कालाजार मरीज को मिला एमवीसोम
अलौली. कालाजार मरीजों के लिए दवा आ गयी है. इसे एमवीसोम के नाम से जाना जाता है. इसके एक बार उपयोग से ही कालाजार बीमारी ठीक होगी. दहमा खैरी खुटहा पंचायत के मोहनपुर गांव के महेंद्र सदा की 13 वर्षीय पुत्री राम कुमारी को प्रखंड का पहला कालाजार मरीज के रूप में दवा दी गयी. […]
