गोगरी. मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक व महादलित अक्षर आंचल योजना के तहत नियुक्त तालिमी मरकज व टोला सेवक को मानदेय भुगतान नहीं होने से घोर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इससे प्रखंड क्षेत्र के सभी तालिमी मरकज व टोलासेवकों में आक्रोश है. जानकारी के अनुसार टोला सेवक व तालिमी मरकज का बीते अगस्त माह से ही मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है, जबकि कुछ लोगों को जुलाई का भी भुगतान नहीं हुआ है. लगातार चार से पांच माह का मानदेय भुगतान नहीं होने के कारण उनके समक्ष आर्थिक संकट गहराता जा रहा है. कई सेवकों ने बताया कि पैसे के अभाव के कारण उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ रही है. मानदेय भुगतान को लेकर कई बार अधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराया गया, परंतु इस ओर ध्यान नहीं दी जा रही है. इधर विभागीय सूत्रों की मानें तो मानदेय भुगतान को लेकर सभी प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है परंतु संबंधित अधिकारी उदासीनता बरत रहे हैं. टोला सेवकों का कहना है कि उन्हें शीघ्र भुगतान का आश्वासन देकर समन्वयक व स्थानीय अधिकारी चुप करा देते हैं. आखिर इस तरह मानदेय में विलंब होता रहा तो टोला सेवक व तालिमी मरकज कैसे जीवन-यापन करेंगे. इस बावत जब प्रखंड समन्वयक दिनेश पासवान से बात की गयी तो उन्होंने कहा कि इनका मानदेय भुगतान जिला से होता है. इस बाबत वरीय अधिकारी ही कुछ कह सकते हैं.
पांच माह से नहीं मिला टोलासेवक व तालिमी मरकज को मानदेय
गोगरी. मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक व महादलित अक्षर आंचल योजना के तहत नियुक्त तालिमी मरकज व टोला सेवक को मानदेय भुगतान नहीं होने से घोर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इससे प्रखंड क्षेत्र के सभी तालिमी मरकज व टोलासेवकों में आक्रोश है. जानकारी के अनुसार टोला सेवक व तालिमी मरकज का बीते अगस्त माह से […]
