गोगरी : एसडीओ सुभाषचंद्र मंडल की अध्यक्षता में लोकसभा चुनाव को लेकर परबत्ता विधानसभा के सभी थानाध्यक्ष के साथ एसडीओ के कार्यालय में सोमवार को बैठक का आयोजन किया गया. बैठक में संवेदनशील (भेद्य) मतदान केन्द्रों की तैयारी के संबंध में सभी बीडीओ, थानाध्यक्ष से समीक्षा की गयी.
साथ ही साथ वैसे भेद मतदान केन्द्रों की जांच करने का निर्देश दिया, जिसके अंतर्गत आने वाले टोलों, मोहल्लों के मतदाताओं को डराया धमकाया जाता हो. इसके लिए आत्म विश्वास बढ़ाने के लिए कदम उठाने की बात एसडीओ सुभाषचंद्र मंडल के द्वारा कहा गया.
एसडीओ श्री मंडल नें सभी थानाध्यक्ष और बीडीओ को आवश्यक कार्रवाई के साथ फोटोग्राफ भेजने का निर्देश दिया.आयोग के मापदंड के मुताबिक संवेदनशील मतदान केन्द्र की सूची तैयार करने का निर्देश बीडीओ व थानाध्यक्ष को दिया गया. एसडीओ श्री मंडल ने कहा कि मतदाता को मतदान केन्द्र तक पहुंचने के लिए जहां सड़क जर्जर है. जहां पहुंच पथ नहीं है.
ऐसे मतदान केन्द्र को चिन्हित करते हुए जल्द प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया गया है.एसडीओ ने कहा कि समय रहते सड़क को सुगम बनाने का कार्य शुरु किया जायेगा.उन्होंने कहा कि मतदाता को किसी प्रकार का कोई दिक्कत न हो इसपर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए.
एसडीओ ने मौके पर सभी पुलिस पदाधिकारी व थानाध्यक्ष को लोकसभा चुनाव को लेकर सुरक्षा से संबंधित आवश्यक कार्रवाई शुरु करने की बात कही.कहा कि किसी भी कीमत पर चुनाव में दबंगई बर्दाश्त नहीं की जायेगी. सभी मतदाताओं से अपील है कि वे लोग 23 अप्रैल को मतदान करने बूथ पर जरुर जायें. पुलिस प्रशासन उनके साथ है.
मतदान बहिष्कार की घोषणा बाद तोफिर गढ़िया पहुंचे अधिकारी
चौथम. वोट बहिष्कार की घोषणा के बाद सोमवार को अधिकारियों की टीम तोफिर गढ़िया गांव पहुंच कर मतदाताओं को समझाया-बुझाया.
इस दौरान अधिकारियों ने मतदाताओं को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन मतदाता नहीं माने. जानकारी के अनुसार रोड नहीं तो वोट नहीं को लेकर तोफिर गढ़िया एवं बकिया के ग्रामीणों ने डीएम सहित अधिकारियों को आवेदन देकर वोट बहिष्कार करने का घोषणा किया है.
इसके बाद डीएम अनिरुद्ध कुमार के निर्देश पर सोमवार को बीडीओ राज कुमार पंडित, सीओ दया शंकर तिवारी, थानाध्यक्ष गुंजन कुमार के अलावा आरईओ के इंजीनियर सोमवार को तोफिर गढ़िया गांव पहुंचे. अधिकारियों ने कहा कि सड़क निर्माण को लेकर प्रक्रिया जारी है.
आचार संहिता के बाद कार्य शुरू कर दिया जाएगा. इधर, ग्रामीणों का साफ कहना था कि पहले भी इसी तरह का आश्वासन मिले हैं लेकिन सब झूठे निकले हैं. अधिकारियों के मनाने का मतदाताओं पर कोई खास असर नहीं हुआ. इसके बाद अधिकारी बैरंग लौट गये.
