कटिहार शहर में शुक्रवार की दोपहर हुई झमाझम बारिश ने एक बार फिर मानसून से पूर्व निगम की ओर से की गयी तैयारी की पोल खोल कर रख दी. शहरी क्षेत्र के रिहायशी मोहल्लों की सड़कों पर जलजमाव से लोग परेशान हो गये. नाले का गंदा पानी व बारिश का पानी एक साथ मिल जाने से पानी का रंग बदरंग हो जाने की वजह से लोगों को जलजनित बीमारी का भय सताने लगा है. सबसे अधिक वार्ड नम्बर 18 और 19 के मोहल्लों की सड़कों पर जलजमाव से लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया. झमाझम बारिश के बीच आंधी के कारण शहर में बिजली गुल हो गयी. लोगों को उमस के बीच दिन काटने की मजबूरी रही. हालांकि कई मोहल्लों की बिजली सुबह साढ़े नौ बजे से गुल थी, जो शाम करीब चार बजे के आसपास बहाल हो पायी. लोगों का कहना है कि नाले की उड़ाही समय पर नहीं होने के कारण नाला जाम हो गया है. बारिश के अलावा आम दिनों में भी इन मोहल्लों की सड़कों पर गंदा पानी बहते रहने से वे लोग परेशान हैं. बारिश और नाले का गंदा पानी मिलकर सड़क पर बहते रहने से वे लोग काफी परेशान हैं. जलजमाव के बीच लोग अपने घरों में दुबके रहना ही मुनासिब समझते रहें. इसी तरह का हाल वार्ड नम्बर 16 और 17 की भी है. जहां वर्षों से नाला जाम रहने के कारण रह रहे लोगों की हालत नारकीय बनी हुई है. बार-बार मेयर व नगर प्रशासन से शिकायत करने का कोई असर नहीं होने से जाम नाले का गंदा पानी सड़क से लेकर घरों में प्रवेश कर जा रहे हैं. इससे वार्डवासी अब त्रस्त हो चुके हैं. खासकर स्कूली बच्चों को मुख्य सड़क पर आने जाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. हर हमेशा अभिभावकों को किसी घटना दुर्घटना का भय बनी रहती है. स्कूल जाने वाले मासूम बच्चे रोजाना नाले के गंदे पानी से होकर गुजरने को मजबूर हैं. बरसात आते ही सड़क और नाली एक हो जाती है. जिससे बच्चों को इंफेक्शन, त्वचा रोग और कई गंभीर बीमारियों का खतरा बना रहता है. वार्ड के अमित पासवान, अजय गुप्ता, विशाल रमाणी, प्रकाश मिश्रा, करण कुमार गुड्डू, विरजू पासवान, अरूण सहनी, कृष्णा दास, अजय कुमार, आकाश पासवान समेत अन्य का कहना है कि 16 मई को मेयर उषा देवी अग्रवाल को एक ज्ञापन देकर नाला सफाई की मांग की गयी थी. दूसरे दिन एकाध कर्मचारी पहुंचे लेकिन कुछ दूर तक नाला का ढक्कन उठा कर रफ्फूचक्कर हो गये. ड्राइवर टोला वार्ड संख्या 16 और 17 की स्थिति बदहाल है. वार्ड के कई मोहल्लों में नाला जाम रहने की वजह से दूर तक गंदा पानी फैल जाने की वजह से स्कूली बच्चे दूसरे के घरों के बाउंड्री पर चढ़कर विद्यालय जाने को विवश हैं.
झमाझम बारिश ने मानसून पूर्व निगम की खोली तैयारी की पोल
झमाझम बारिश ने मानसून पूर्व निगम की खोली तैयारी की पोल
