अमदाबाद प्रखंड में शुक्रवार की रात आई तेज आंधी व बारिश से मकई की फसल व्यापक पैमाने पर क्षति हुई है. प्रखंड क्षेत्र में व्यापक पैमाने पर मकई की खेती की जाती है. इस वर्ष भी किसानों ने बड़े पैमाने पर मकई फसल की खेती की थी. किसानों को कहां पता था कि वर्ष के प्रथम बारिश व आंधी से खेत में लगे मकई की फसल बर्बाद हो जाएगा. किसान ऋण व महाजन कर मकई की खेती किए थे, और मकई का फसल खेत में लहलाह रही थी. इसी बीच शुक्रवार की रात आई आंधी व बारिश ने मकई की फसल को बर्बाद कर दिया है. खेत में लगे मकई की फसल जमीन पर गिर गया है. जिससे किसान हताश व चिंतित हैं. गदाई दियारा के शिवा चौधरी, श्रीनिवास सिंह, पूर्वी करीमुल्लापुर के किसान सत्तार, आसिफ, गौतम महलदार, शिला देवी, माजिद, अनील शर्मा, दुर्गापुर पंचायत के संजय सिंह, रामइश्वर सिंह, प्रमोद चौधरी सहित अन्य किसानों ने बताया कि वे लोग प्रत्येक वर्ष मक्के की खेती करते हैं. इस वर्ष भी मक्के की खेती किए थे. लेकिन शुक्रवार की रात आई आंधी व बारिश ने मकई फसल को व्यापक क्षति पहुंची है. महंगा दर में खाद व बीज की खरीदारी कर मकई की खेती किए थे. किसानों ने बताया कि मकई की फसल जमीन पर गिर गया है. फसल नहीं होने पर महाजन का पैसा कैसे चुकता होगा इसे लेकर चिंतित हैं. उधर बीस सुत्री अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा ने बताया कि प्रखंड क्षेत्र में लगे करीब सैकड़ो एकड़ मकई के फसल आंधी व बारिश में बर्बाद हो गया हैं. उन्होंने प्रशासन से किसानों को फसल क्षतिपूर्ति देने की मांग की है.
बारिश ने मकई के व्यापक फसल को किया क्षति
बारिश ने मकई के व्यापक फसल को किया क्षति
