कटिहार रमजान का पाक महीना रविवार से शुरू हो रहा है. मुस्लिम धर्मवलंबी एक महीने तक अल्ला की इबादत में रोजा रखेंगे. चांद का दीदार होने के बाद रविवार को लोग पहला रोजा रखेंगे. रमजान को लेकर इसकी तैयारी को लेकर शनिवार को बाजार में खरीदारी के लिए काफी भीड़ भाड़ रही. रविवार की सुबह सेहरी कर लोग दिन भर उपवास रहेंगे. शाम में सभी इफ्तारी कर रोजा तोड़ेंगे. इस पूरे महीने में लोगों के बीच पूरे भाईचारा का माहौल देखने को मिलता है. न केवल मुस्लिम धर्म लंबी बल्कि सभी समुदाय के लोग इस रमजान महीने में अपने मित्रों के साथ एक साथ शाम के समय मिलकर इफ्तारी भी करते दिखते हैं. कहते हैं कि रमजान के महीने में अल्लाह की खूब रहमत बरसती है. बुराई पर अच्छाई हावी हो जाती है. इस महीने लोग अपनी चाहतों पर नकेल कस सिर्फ अल्लाह की इबादत करते हैं. यूं तो एक दिन में पांच वक्त की नमाज़ अदा की जाती है. लेकिन रमज़ान के महीने में तरावीह की नमाज़ पढ़ना भी जरूरी होती हैं. मस्जिद के इमाम साहब बताते है कि तीन अशरों में बांटा गया है. रमजान का रोजा, रमजान में पूरे महीने रोजे के लिए 30 दिन को तीन अशरों यानी तीन भागों में बांटा गया है. पहले 10 दिन का रोजा रहमत, दूसरे 10 दिन का रोजा बरकत और आखिर 10 दिन का रोजा मगफिरत कहलाता है. रमजान में रोजा रखने का उद्देश्य लोगों को अल्लाह की इबादत के करीब लाना है. रमजान में रोजे के दौरान ऐसे नियम होते हैं. जिससे कि लोग अधिक से अधिक समय अल्लाह की इबादत कर सकें.
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