कारनामा: डीएस कॉलेज में बिना मान्यता वाले विषय से छात्रा पास

कारनामा: डीएस कॉलेज में बिना मान्यता वाले विषय से छात्रा पास

– समाजशास्त्र में नहीं है डीएस कॉलेज को मान्यता, उठने लगा व्यवस्था पर सवाल – अंकपत्र के लिए छात्र लगा रही है विवि व कॉलेज का चक्कर – 2022-25 का अंक पत्र कॉलेज में आने के बाद मामला आया सामने – अंकपत्र नही मिलने से अधर में भविष्य, एक दूसरे पर फोड़ा जा रहा ठिकरा – विज्ञान से इंटर छात्र के रसायनशास्त्र ऑनर्स के साथ सब्सिडियरी भौतिकी व जुलॉजी से उत्तीर्ण कटिहार पूर्णिया विवि से कई ऐसे अनोखे कारनामे सामने आ रहे हैं. हैरतअंगेज कर देने वाले कारनामों में बीए और बीएससी उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को उत्तीर्ण होने का भी कोई लाभ नहीं मिलने वाला है. कहीं बिना मान्यता वाले विषय से पास करा दिया गया तो कहीं सब्जेक्ट कॉम्बीनेशन में पेंच फंसा कर विज्ञान विषय के छात्र का रिजल्ट जारी कर दिया गया. इससे वैसे छात्र परेशान हैं. यह मामला 2022-25 पार्ट थर्ड से सम्बंधित डीएस कॉलेज से जुड़ा हुआ है. इस कॉलेज में जिन विषय की अनुमति नहीं है. उस विषय में नामांकन, परीक्षा फॉर्म भराकर परीक्षा में उत्तीर्ण कर दिया गया. जब उक्त छात्रा अपना माक्सशीट लेने कॉलेज पहुंची तो टीआर में उत्तीर्ण लेकिन अंकपत्र नहीं रहने के कारण आगे पढ़ने का सपना उसका वहीं बिखर कर रह गया. इसी कॉलेज से दूसरा मामला इस तरह का है जो छात्र इंटर विज्ञान से उत्तीर्ण व रसायनशास्त्र ऑनर्स रखकर पढ़ाई की. लेकिन उसके साथ सब्सिडियरी भौतिकी विषय से उत्तीर्ण करा दिया गया. इससे उक्त छात्र अपने तीन वर्ष के डिग्री को लेकर ऊहापोह की स्थिति में है. ऐसा इसलिए कि उक्त दोनों छात्र- छात्रा का डिग्री कोई काम नहीं रह गया. इसके बाद से कॉलेज से लेकर पूर्णिया विवि में अफरा -तफरी का माहौल बन गया है. मामले में एक दूसरे के ऊपर दोषारोपण किया जा रहा है. डीएस कॉलेज में नामांकित रौल नम्बर 6266273 की छात्रा का कहना है कि स्नातक 2022-25 में मनोविज्ञान विषय से ऑनर्स लेकर पढाई की. तीनों पार्ट से वह प्रथम क्लास से उत्तीर्ण हुई है. लेकिन सब्सिडियरी में इतिहास व समाजशास्त्र दर्शाया जा रहा है. जब वह माक्स शीट लेने कॉलेज पहुंची तो टीआर में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण दिखाया गया. लेकिन उक्त कॉलेज में समाजशास्त्र विषय की पढाई नहीं होती है. इसके बाद भी उससे नामांकन से लेकर तीनों पार्ट में परीक्षा ली गयी. अब अंकपत्र देने से कॉलेज मना कर रहा है. जिससे उसके समक्ष आगे की पढाई को लेकर चिंता सताये जा रही है. डिग्री से छात्र पेशोपेश में, डिग्री का नहीं रह गया महत्व दूसरा मामला विज्ञान संकाय से है जहां गलत काॅम्बीनेशन के पेंच में फंसा दिये जाने से बीएससी उत्तीर्ण छात्र परेशान हैं. 2022-225 में डीएस कॉलेज से नामांकित छात्र नैयर आलम का कहना है कि वह विज्ञान से इंटर कर रसायनशास्त्र ऑनर्स से डीएस कॉलेज में दाखिला 2022-25 में लिया था. सब्सिडयरी विषय नियमत: जुलॉजी के साथ बॉटनी होना चाहिए जो नियम के विरूद्ध है. उन्हें जुलॉजी के साथ भौतिकी विषय को सब्सिडयरी कर उत्तीर्ण कर दिया गया. पार्ट थर्ड का रिजल्ट जारी होने के बाद उसे 811 नम्बर के साथ द्वितीय श्रेणी से उत्तीर्ण किया गया. उसे अंकपत्र तक उपलब्ध करा दिया गया लेकिन इस तरह के डिग्री का कोई महत्व नहीं रह जाने से उसे न तो किसी को दिखा सकते हैं. नहीं आगे की पढाई कर सकते हैं. विवि व कॉलेज प्रशासन को इन सब बिन्दुओं पर पैनी नजर रख्ने की जरूरत है. ताकि दूसरे छात्र छात्राओं का भविष्य में परेशानी न उठानी पड़े. विवि को कराया गया है अवगत इस तरह के मामले संज्ञान में आया है. सभी समाजशास्त्र विषय की डीएस कॉलेज में पढाई नहीं होती है. किस तरीके से उक्त छात्रा का सब्सिडियरी समाजशास्त्र में अंक देकर उत्तीर्ण करा दिया गया. इससे सम्बंधित सभी बिन्दुओें से पूर्णिया विवि के परीक्षा विभाग को अवगत कराया गया है. साथ ही इंटर विज्ञान वाले छात्र रसायनशास्त्र ऑनर्स सब्सिडयरी भौतिकी व जुलॉजी से उत्तीर्ण है का कम्बीनेशन सही नहीं लग रहा है. डॉ प्रो प्रशांत कुमार, प्राचार्य, डीएस कॉलेज

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By RAJKISHOR K

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