कटिहार स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में जिला निबंधन व परामर्श केंद्र (DRCC) कटिहार के सहयोग से 'बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना' और रोजगारपरक सरकारी योजनाओं पर एक दिवसीय जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में प्रथम वर्ष के नवप्रवेशित कुल 267 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च व तकनीकी शिक्षा के लिए राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सहायता और करियर अवसरों की विस्तृत जानकारी देना था.
प्राचार्य डॉ. रवि कुमार ने किया स्वागत, योजना का लाभ उठाने की अपील
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के प्राचार्य डॉ. रवि कुमार ने डीआरसीसी से आए अतिथियों व वक्ताओं का स्वागत कर किया:
- शिक्षा में नहीं आएगी आर्थिक तंगी: प्राचार्य ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक तंगी के कारण किसी भी मेधावी छात्र की पढ़ाई रोकना नहीं है. विद्यार्थी इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपने करियर को नई ऊंचाई दें.
पॉलिटेक्निक छात्रों को मिलेगा 3 लाख तक का एजुकेशन लोन
डीआरसीसी कटिहार के सहायक प्रबंधक रवि रंजन एवं सिंगल विंडो ऑपरेटर सुजीत कुमार ने योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, ऋण सीमा और ब्याज दरों के संबंध में जानकारी दी:
| प्रमुख बिंदु | विवरण / प्रावधान |
| अधिकतम ऋण सीमा | पॉलिटेक्निक छात्रों के लिए अधिकतम ₹3 लाख तक का लोन. |
| कवर की जाने वाली लागत | ट्यूशन फीस, हॉस्टल फीस, लिविंग एक्सपेंस, किताब-कॉपी और लैपटॉप खरीदारी. |
| आवश्यक दस्तावेज | आधार कार्ड, निवास प्रमाण-पत्र, बैंक पासबुक एवं पासपोर्ट साइज फोटो. |
इसके अतिरिक्त कॉंसलेंट एम्प्लॉयमेंट ऑफिसर संजय कुमार ने राज्य सरकार की विभिन्न रोजगार और करियर मार्गदर्शन योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया.
विद्यार्थियों के सवालों का हुआ त्वरित समाधान
सेमिनार के दौरान प्रथम वर्ष के छात्रों ने आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेजों की जांच, लोन पुनर्भुगतान और ब्याज दरों से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनका डीआरसीसी पदाधिकारियों ने संतोषजनक उत्तर दिया.
कार्यक्रम का मंच संचालन सेमिनार प्रभारी ई. जियाउर रहमान ने किया. इस सफल आयोजन में ई. नोमान अरशद और स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के नोडल अधिकारी गजानंद राजक की सराहनीय भूमिका रही.
