कुरसेला क्षेत्र मे तेज हवा के साथ बारिश से ठंड बढ़ गयी है. बारिश से जनजीवन की दिनचर्या चरमरा गयी है. ग्रामीण सड़कों पर जलजमाव कीचड़ के फैलाव से आवागमन की परेशानी बढ़ गयी है. हाट बाजार में सन्नाटा पसर गया है. दुकानदार ग्राहकों की बाट जोहते नजर आ रहे है. हवा के झोंके के बीच बारिश के जारी रहने से लोगों को दिनचर्या के कार्यों को निबटाना मुश्किल कर दिया है. पशुपालकों को पशुओं को चारा खिलाने के लिए बाहर ले जाना कठिन कर दिया है. ठंड का असर बढ़ने से लोगों को गर्म कपड़े का उपयोग करने के लिए विवश कर दिया है. माना जा रहा है कि ठंड का प्रकोप आगामी दिनों में बढ़ सकता है. अन्य वर्षों के अपेक्षा इस साल ठंड का असर विलंब से हुआ है. बारिश में ठंड असर ने लोगों को घरों में दुबकने के लिए मजबूर कर दिया है. एनएच 31 सहित मुख्य सड़कों पर वाहनों के परिचालन में कमी देखी गयी. उधर बारिश के जारी रहने से रबी फसल की बोआई के कार्य में विलंब होने की सम्भावना है. किसान रबी फसल मक्का, गेंहू, दलहन, सरसों, आलू आदि फसलों के लिए खेतों की जुताई नहीं कर सके हैं. बाढ़ से डूबे खेतों से पानी बाहर नहीं निकल पाने से किसानों के लिए खेतों का जुताई करना संभव नहीं हो पा रहा था. उस पर जारी बारिश ने खेतों के सुखने में देरी कर दिया है. किसानों का मानना है कि बारिश से जमीन को लाभ मिलेगा. जानकारी अनुसार बारिश के क्षरण से कोसी, गंगा नदियों में कटाव का खतरा बढ़ गया है. कटाव के खतरे से खेरिया, तीनघरिया, बालू टोला, कमलाकान्ही, बसुहार, मजदिया गांवों के लोग सहमे हुए है. आशंका जतायी जा रही है कि तेज हवा बारिश का प्रकोप आगामी कुछ दिनों तक जारी रह सकता है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
