सोशल मीडिया व ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े साइबर खतरे: कटिहार में स्कूली बच्चों को दी गई सतर्कता की सीख, जानें बचाव के उपाय

कटिहार में 'अभिलाषा परिवार' ने स्कूली छात्रों के लिए एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया. इसका उद्देश्य सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग के ज़रिए बढ़ते मानव तस्करी, ब्लैकमेलिंग और साइबर शोषण के खतरों से बच्चों को आगाह करना था. विशेषज्ञों ने फर्जी प्रोफाइल, ग्रूमिंग और करियर के झांसे जैसे तरीकों पर प्रकाश डाला.

कटिहार जिले के सरदाही स्थित एक निजी विद्यालय परिसर में सोमवार को सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से बढ़ रही मानव तस्करी (Human Trafficking), ब्लैकमेलिंग और साइबर शोषण के गंभीर खतरों को लेकर एक दिवसीय विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम 'अभिलाषा परिवार' स्वयंसेवी संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें कक्षा 8 से 12 तक के दर्जनों छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया.

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य डिजिटल दुनिया में सक्रिय संगठित गिरोहों के तौर-तरीकों (Modus Operandi) को उजागर करना और किशोरों को इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल के प्रति सचेत करना था.

फेक प्रोफाइल, ग्रूमिंग और करियर का झांसा: तस्करी का नया जरिया

कार्यशाला को संबोधित करते हुए अभिलाषा परिवार के सचिव राजेश कुमार सिंह ने सोशल मीडिया के स्याह पहलू पर विस्तार से प्रकाश डाला:

  • शिकार बनाने का तरीका: फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और विभिन्न ऑनलाइन मल्टीप्लेयर गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर तस्कर व साइबर अपराधी फर्जी प्रोफाइल बनाकर सक्रिय रहते हैं. वे पहले बच्चों व युवाओं से दोस्ताना संबंध (Online Grooming) बनाते हैं और उनका विश्वास जीतते हैं.
  • झूठे वादे और ब्लैकमेलिंग: बाद में मॉडलिंग, एक्टिंग, ग्लैमरस करियर, नौकरी अथवा प्रेम-विवाह का प्रलोभन देकर उन्हें घर छोड़ने पर विवश करते हैं. कई मामलों में निजी तस्वीरें हासिल कर ब्लैकमेलिंग के जरिए देह व्यापार या बंधुआ मजदूरी के दलदल में धकेल दिया जाता है.
  • अकेलापन बड़ा खतरा: जो किशोर मानसिक तनाव में रहते हैं या परिवार में भावनात्मक संवाद की कमी महसूस करते हैं, वे इन गिरोहों का सबसे आसान शिकार बन जाते हैं.

साइबर सुरक्षा एवं आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर

आपातकालीन सेवा / हेल्पलाइनसंबंधित विषय / शिकायत प्रकारउपयोग का तरीका
हेल्पलाइन 1930राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (वित्तीय ठगी, ब्लैकमेलिंग)साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098बच्चों से संबंधित शोषण, उत्पीड़न, तस्करी व बाल विवाह24x7 नि:शुल्क आपातकालीन कॉल सेवा

'रातों-रात अमीर बनने की लालच में फिसल रहे कदम': अरुण चौबे

कर्तव्य वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष अरुण कुमार चौबे ने युवाओं में बढ़ती भौतिकवादी सोच पर चिंता व्यक्त की:

  • शॉर्टकट से दूरी जरूरी: उन्होंने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग में सट्टेबाजी और त्वरित धन कमाने की लालसा में युवा गलत रास्तों पर कदम बढ़ा देते हैं. जब तक परिजनों को इसकी भनक लगती है, तब तक काफी देर हो चुकी होती है.
  • डिजिटल सतर्कता के नियम: उन्होंने विद्यार्थियों को अनजान लोगों की 'फ्रेंड रिक्वेस्ट' कभी स्वीकार न करने, सोशल मीडिया पर अपनी लोकेशन, फोन नंबर व निजी तस्वीरें साझा न करने तथा किसी भी अजनबी दबाव या धमकी की जानकारी तुरंत माता-पिता व शिक्षकों को देने की सख्त सलाह दी.

ग्रुप डिस्कशन में छात्रों ने साझा किए अनुभव

कार्यक्रम के समापन सत्र में छात्र-छात्राओं के साथ एक समूह परिचर्चा (Group Discussion) आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने ऑनलाइन आने वाली संदिग्ध कॉल्स, फिशिंग लिंक्स और गेमिंग फ्रॉड से जुड़े सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने समाधान दिया.

इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक राजकुमार गुप्ता, प्रिंसिपल हेमा कुमारी, वाइस प्रिंसिपल जितेंद्र कुमार दास, शिक्षक पूजा झा, अनीश कुमार, कोमल कुमारी, सुमित कुमार एवं शिवांशु कुमार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे.

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लेखक के बारे में

By राजकिशोर

राजकिशोर प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के कटिहार कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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