क्या इस भीषण और उमस भरी गर्मी में कोई बिना बिजली के एक दिन भी रहने की कल्पना कर सकता है? बिहार के कटिहार से बिजली विभाग की घोर लापरवाही का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ दिया है. पिछले 10 दिनों से अंधेरे में रहने को मजबूर लोगों का गुस्सा अब इस कदर भड़क चुका है कि उन्होंने बिजली दफ्तर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और प्रशासन को खुली चुनौती दे दी है.
10 दिनों से घोर अंधेरे में कटे दिन, चालू होते ही दोबारा फूंक गया ट्रांसफार्मर
यह पूरा मामला कटिहार जिले के बलिया बेलौन अंतर्गत शेखपुरा पंचायत के वार्ड एक गम्हारगाछी जीतवारपुर का है. यहाँ पिछले 10 दिनों से बिजली पूरी तरह ठप है, जिससे ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. शनिवार को मुखिया प्रतिनिधि इकबाल हुसैन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने इकट्ठा होकर बिजली विभाग के खिलाफ उग्र विरोध प्रदर्शन किया. ग्रामीणों ने बताया कि विभाग ने खानापूर्ति के लिए एक दिन पहले एक पुराना ट्रांसफार्मर लाकर लगाया तो सही, लेकिन वह इतना जर्जर था कि चालू करते ही कुछ ही सेकेंड में दोबारा धू-धू कर जल गया.
अधिकारियों ने बंद किए फोन, छात्रों की पढ़ाई हुई पूरी तरह ठप
बिजली नहीं रहने के कारण इस उमस भरी गर्मी में बच्चों और बुजुर्गों का हाल बेहाल है. सबसे बुरा असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है, जो अंधकार के कारण परीक्षा की तैयारियां नहीं कर पा रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि जब वे अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए अधिकारियों को संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, तो बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता (EE) और कनीय अभियंता (JE) उनका फोन तक रिसीव नहीं कर रहे हैं. अधिकारियों की इस संवेदनहीनता ने आग में घी डालने का काम किया है.
24 घंटे का अल्टीमेटम, वरना सड़कों पर उतरेंगे उपभोक्ता
मुखिया प्रतिनिधि इकबाल हुसैन ने बिजली विभाग को कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अगले 24 घंटे के भीतर नया ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया, तो उपभोक्ता सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को विवश होंगे. ग्रामीणों की मांग है कि शेखपुरा पंचायत के कई गांवों में वर्षों पुराने जर्जर तारों को तुरंत बदला जाए, नए पोल खड़े किए जाएं और यहाँ कम से कम 100 केवी (KV) का नया और मजबूत ट्रांसफार्मर लगाया जाए ताकि भविष्य में बार-बार जलने की समस्या से निजात मिल सके.
