सबला योजना के तहत किशोरियों को मिलनेवाली चावल वितरण में घपला

मनिहारी के 180 आंगनबाड़ी केंद्रों पर चावल उठाव के बाद भी नहीं हुआ वितरण

कटिहार. सबला योजना के तहत आंगनबाड़ी के पोषक क्षेत्र के अंतर्गत आनेवाली किशोरियों को मिलनेवाली सूखा राशन के तहत चावल विरतण में घपला का मामला सामने आया है. मनिहारी के 180 आंगनबाड़ी केंद्राें पर किशोरियों को एक साल में पांच बार में चार बार चावल का वितरण किया गया. एक बार एसएफसी से करीब 43 क्विंटल चावल उठाने के बाद भी वितरण नहीं किये जाने से संबंधित सेविकाओं द्वारा मनिहारी सीडीपीओ के समक्ष उठाने के बाद यह मामला उजागर हुआ है. यह मामला वित्तीय वर्ष 2023-24 की है. वर्तमान मनिहारी सीडीपीओ संगीता मिंकी ने स्टॉक रजिस्टर जांच के बाद हुई घपले के बाद आईसीडीएस के डीपीओ किसलय शर्मा से मार्ग दर्शन मांगी गयी है. उन्होंने डीपीओ को अवगत कराया है कि सैग के तहत एक साल में पांच बार सूखा राशन के तहत किशोरियों को मिलने वाली डब्ल्यूबीएनपी के तहत चावल, सोयाबीन, दाल, तेल और मशाला उपलब्ध कराया जाता है. जांच करने के बाद सामने आया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में मनिहारी के 180 आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविकाओं को मई 2023 में चावल उपलब्ध नहीं कराया गया. इसको लेकर उनके द्वारा निवर्तमान सीडीपीओ से पत्राचार कर जानकारी ली गयी. जिस पर पर बताया गया कि मई माह 2023 का चावल गोदाम में है. इसके बाद उनके द्वारा एसएफसी से पत्राचार किया गया. जिस पर बताया गया कि चावल का उठाव गोदाम से करा लिया गया. चावल गोदाम से उठाव के बाद भी सेविकाओं को नहीं दिया जाना गंभीर मामला है. इसको लेकर उनके द्वारा आईसीडीएस के डीपीओ को अवगत कराते हुए दिशा निर्देश मांगा गया है. आइसीडीएस डीपीओ किसलय शर्मा ने बताया कि मनिहारी के सीडीपीओ ने मई 2023 माह में मनिहारी के 180 आंगनबाड़ी केंदों पर करीब 43 क्विंटल चावल किशोरियों के बीच नहीं बांटे जाने की जानकारी दी है. गोदाम से चावल का उठाव अगर हो गया, तो चावल क्यों नहीं बांटी गयी. यह गंभीर मामला है. इसको लेकर कमेटी बनाकर जांच करायी जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >