कटिहार की 16 पंचायतों में 'सहयोग शिविर' शुरू, लेकिन प्रचार-प्रसार की कमी से खानापूर्ति बनने की राह पर प्रशासन की पहल

Sahyog Shivir: बिहार सरकार के निर्देश पर कटिहार जिले की 16 चयनित पंचायतों में आम जनता की समस्याओं के ऑन-द-स्पॉट निपटारे के लिए 'सहयोग शिविर' की शुरुआत की गई है. हालांकि, पहले ही दिन प्रशासनिक स्तर पर प्रचार-प्रसार की भारी कमी देखने को मिली, जिसके कारण शिविरों में ग्रामीणों की उपस्थिति बेहद कम रही और यह योजना महज कागजी खानापूर्ति बनती दिख रही है.

कटिहार से सूरज कुमार गुप्ता की रिपोर्ट

Sahyog Shivir: राज्य सरकार के मद्यनिषेध, जन-कल्याण और प्रशासनिक सुधार के दिशानिर्देशों के आलोक में मंगलवार को कटिहार जिले के विभिन्न प्रखंडों की 16 पंचायतों में ‘सहयोग शिविर’ का विधिवत आगाज किया गया. सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर ही लोगों की ब्लॉक और जिला मुख्यालय से जुड़ी समस्याओं, जैसे—राशन कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन, राजस्व मामले और विकासात्मक शिकायतों का त्वरित समाधान करना है. लेकिन जमीनी स्तर (ग्राउंड जीरो) से मिल रही रिपोर्ट्स के अनुसार, जिला प्रशासन की सुस्ती और सूचना तंत्र की विफलता के कारण इन शिविरों को लेकर ग्रामीणों के बीच कोई उत्साह नहीं देखा गया, जिससे पहले दिन ही इस लोक-कल्याणकारी पहल पर सवाल खड़े होने लगे हैं.

जिले की इन 16 पंचायतों में पहले चरण के तहत लगाए गए शिविर

मंगलवार को जिन चयनित पंचायतों में नोडल अधिकारियों की देखरेख में शिविर का आयोजन किया गया, उनकी प्रखंडवार सूची निम्नलिखित है:

  • प्रमुख पंचायतें: अमदाबाद प्रखंड के बैरिया, आजमनगर के अमरसिंहपुर, बलरामपुर के भिमियाल, बरारी के बकिया सुखाय, बारसोई के बलतर, डंडखोरा के डंडखोरा, फलका के भरसिया और हसनगंज प्रखंड के ढेरुआ पंचायत.
  • अन्य प्रभावित क्षेत्र: कदवा प्रखंड के बेनीजलालपुर, कटिहार के डेहरिया, कोढ़ा के बांसगाढ़ा, कुरसेला के जरलाही, मनिहारी के बाघमारा, मनसाही के चितौडिया, प्राणपुर के बसतोल एवं समेली प्रखंड के चांदपुर पूर्वी पंचायत में काउंटर लगाए गए.

शिविर में पहुंचने वाले गिने-चुने लोगों की समस्याओं का बेहतर तरीके से निष्पादन हो, इसके लिए जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार, जिला पदाधिकारी (DM) सहित कई वरिष्ठ जिला स्तरीय अधिकारी विभिन्न शिविरों का औचक निरीक्षण करने और जायजा लेने पहुंचेंगे.

विडंबना: बिना प्रचार-प्रसार खाली पड़ी रहीं अधिकारियों की कुर्सियां

जमीनी हकीकत: स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का आरोप है कि इतने बड़े पैमाने पर आयोजित होने वाले सहयोग शिविर को लेकर न तो गांवों में माइकिंग (लाउडस्पीकर से घोषणा) कराई गई और न ही आशा या आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से सूचना भिजवाई गई. जानकारी के अभाव में अधिकांश ग्रामीण अपने घरों में ही रहे, जबकि शिविर स्थलों पर विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मेज-कुर्सी लगाकर जनता का इंतजार करते दिखे. लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन का यही ढर्रा रहा, तो सरकार की यह कल्याणकारी योजना पूरी तरह से फ्लॉप साबित होगी.

आगामी 16 जून को इन 16 नई पंचायतों में आयोजित होंगे शिविर

अगले चरण का रोस्टर:

जिला प्रशासन की ओर से जारी संयुक्त आदेश (Joint Order) के अनुसार, यह सहयोग शिविर प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय मंगलवार को नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा. इसी कड़ी में आगामी 16 जून को जिले की जिन अन्य 16 पंचायतों में शिविर लगाने का मार्ग प्रशस्त किया गया है, उनकी सूची इस प्रकार है:

  1. अमदाबाद: भवानीपुर खट्टी
  2. आजमनगर: आरिहाना
  3. बलरामपुर: बिजौल
  4. बरारी: बरेटा
  5. बारसोई: बासगांव
  6. डंडखोरा: द्वाशय
  7. फलका: गोविंदपुर
  8. हसनगंज: जगरनाथपुर
  9. कदवा: भर्री
  10. कटिहार प्रखंड: दलन पूर्वी
  11. कोढ़ा: बावनगंज
  12. कुरसेला: उत्तरी मुरादपुर
  13. मनिहारी: बौलिया
  14. मनसाही: कुरेठा
  15. प्राणपुर: दक्षिणी लालगंज
  16. समेली: चांदपुर पश्चिम

स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला पदाधिकारी से मांग की है कि 16 जून को होने वाले अगले चरण के शिविरों से पूर्व संबंधित पंचायतों में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित कराया जाए, ताकि सुदूर देहात के गरीब व लाचार ग्रामीणों को अपनी फरियाद अफसरों के समक्ष रखने का पूरा मौका मिल सके.

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लेखक के बारे में

Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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