हसनगंज गुरुवार की सुबह से रुक-रुककर हो रही बारिश व मध्यम रफ्तार की हवा ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. स्थानीय किसानों में मायूसी का माहौल देखा जा रहा है. किसानों ने कहा, मक्का रोपनी के लिए खेत तैयार कर रखा था. बारिश से खेतों में पानी भर गया है. रोपनी प्रभावित हो सकता है. दूसरी ओर कई किसानों के खेतों में खरीफ फसल धान पूरी तरह पककर तैयार है. बेमौसम बारिश के चलते ठंड में भी बढ़ोतरी के आसार हैं. मौसम में आए इस अचानक बदलाव से किसानों को अपनी मेहनत की फसलों के भारी नुकसान का डर सता रहा है. स्थानीय किसान अब्दुल वाहिद, प्रमोद यादव, राकेश कुमार सहित अन्य किसानों ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि यह बारिश इसी तरह जारी रहा, तो फसलों के सड़ने और बर्बाद होने की संभावना बढ़ जायेगी. मौसम विभाग के अनुसार यह मौसमी बारिश नहीं है और अगले एक से दो दिनों के भीतर मौसम सामान्य होने की संभावना है. किसान अशोक यादव ने कहा कि सात एकड़ जमीन मक्का रोपनी के लिए भूमि पर खाद डाल कर खेत तैयार कर लिए थे. रुक-रुककर हो रही झमाझम बारिश से मक्का रोपनी में देरी होगी. कहा, खेत में खाद, जोत और मजदूरी से लगभग 80 हजार रुपए से अधिक खर्च हो चुका हैं. कहा हम लोग सामान्य किसानों के लिए यह बारिश की पानी मुश्किल पैदा कर दिया. किसान सलाहकार भास्कर विश्वास ने कहा कि पके धान भीगने से किसानों को नुकसान हो सकता है. इसके लिए किसान पके धान की कटाई धूप निकलने तक नहीं करें. खेत में लगे धान में बसारत का असर कम होगा. किसानों को कम नुकसान होगा. वहीं अन्य फसलों व सब्जियों के खेतों में पानी निकासी करते रहने से बीज व छोटे पौधों के सड़ने का खतरा कम होगा. इसलिए किसान खेतों में जल जमाव नहीं होने दें.
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