Constable Selection: कटिहार से सरोज कुमार की रिपोर्ट: केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती), बिहार द्वारा जारी अंतिम मेधा सूची (Merit List) में कटिहार जिले के भेरिया रहिका (वार्ड नंबर दो) की रहने वाली प्रीति कुमारी ने सफलता हासिल कर अपने सपनों को एक नई उड़ान दी है. एक तरफ जहां प्रीति के पिता संजय भगत शहर की सड़कों पर टोटो (ई-रिक्शा) चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, वहीं उनकी माता संगीता देवी चाय की छोटी सी दुकान चलाती हैं. माता-पिता की पांच बेटियों में दूसरे स्थान पर रहने वाली प्रीती अब तन पर खाकी वर्दी सजाकर समाज की सुरक्षा और सेवा करेगी. उसकी इस ऐतिहासिक सफलता से न केवल उसके माता-पिता और बहनें, बल्कि पूरे भेरिया रहिका इलाके के लोग फूले नहीं समा रहे हैं.
“सिपाही अंतिम पड़ाव नहीं, अब दारोगा बनकर करूंगी देश सेवा” — प्रीति
केंद्रीय चयन पर्षद द्वारा अंतिम रूप से अनुशंसित अभ्यर्थियों की सूची में अपना नाम देखने के बाद प्रीति कुमारी के घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है. अपनी सफलता पर गर्व महसूस करते हुए प्रीति ने बताया:
“अगर आपके मन में लक्ष्य के प्रति सच्ची लगन, अटूट निष्ठा और कठिन परिश्रम करने का जज्बा हो, तो दुनिया की कोई भी विपरीत परिस्थिति या आर्थिक तंगी आपका रास्ता नहीं रोक सकती. मेरी सफलता का श्रेय मेरे माता-पिता के कड़े संघर्षों को जाता है, जिन्होंने अभावों में रहकर भी मेरी पढ़ाई कभी रुकने नहीं दी. लेकिन यह सफलता मेरा अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि एक शुरुआत है. मैं सिपाही पद पर रहते हुए अपनी आगे की तैयारी जारी रखूंगी और मेरा असली सपना बिहार पुलिस में दारोगा (सब-इंस्पेक्टर) बनकर समाज के शोषित और पीड़ित वर्ग को न्याय दिलाना है.”
बचपन से ही मेधावी रही है प्रीति, हमेशा हासिल किया प्रथम स्थान
प्रीति के टोटो चालक पिता संजय भगत और माता संगीता देवी ने रूंधे गले से अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें अपनी बेटी पर नाज है. उन्होंने बताया कि प्रीति बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई में अत्यंत मेधावी रही है. स्कूल की प्रारंभिक शिक्षा से लेकर कॉलेज की उच्च शिक्षा तक, वह कभी भी अपनी कक्षा में दूसरे स्थान पर नहीं आई; वह हमेशा अव्वल (प्रथम स्थान) रही. माता-पिता को हमेशा से यह अटूट विश्वास था कि उनकी बेटी एक दिन अपनी मेधा के बल पर सरकारी नौकरी प्राप्त कर पूरे परिवार को इस भीषण गरीबी और तंगहाली के दलदल से बाहर निकालेगी.
प्रीति का शानदार शैक्षणिक सफरनामा:
- मैट्रिक (वर्ष 2020): प्रीति ने प्लस टू हाईस्कूल, बीएमपी-7 (कटिहार) से 82.6 प्रतिशत अंकों के साथ मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था.
- इंटरमीडिएट (वर्ष 2022): इसी विद्यालय से विज्ञान संकाय में 77 प्रतिशत भारी अंक लाकर उसने अपनी सफलता की निरंतरता को बनाए रखा.
- स्नातक (सत्र 2022-25): कटिहार के प्रतिष्ठित केबी झा कॉलेज से विज्ञान (B.Sc) संकाय में 63 प्रतिशत अंकों के साथ ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी की.
16 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के बीच प्रीति ने बनाई अपनी जगह
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती), बिहार की ओर से कुल 19,838 रिक्तियों (Vacancies) के विरुद्ध अंतिम रूप से चयन के लिए मेधा सूची प्रकाशित की गई है. इस ऐतिहासिक बहाली प्रक्रिया के लिए जारी किए गए विज्ञापन के आलोक में पूरे बिहार से कुल 16 लाख 73 हजार 586 योग्य अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) निर्गत किया गया था.
इसकी कठिन लिखित परीक्षा पिछले वर्ष 16 जुलाई से 20 जुलाई के बीच विभिन्न पालियों में आयोजित की गई थी, जिसके बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) के कड़े मापदंडों को पार करते हुए प्रीति कुमारी ने अंतिम मेधा सूची में अपना स्थान सुरक्षित किया है. प्रीति की इस सफलता ने ग्रामीण परिवेश और सीमित संसाधनों में तैयारी करने वाली देश की लाखों बेटियों के लिए प्रेरणा का एक नया अध्याय लिख दिया है.
