प्रभात इंपैक्ट, अवैध फेरी, नाव परिचालन व ओवरलोड सवारी होने पर होगी कार्रवाई: डीएम

प्रभात इंपैक्ट, अवैध फेरी, नाव परिचालन व ओवरलोड सवारी होने पर होगी कार्रवाई: डीएम

प्रभात खबर में नाव पर ओवरलोडिंग की खबर छपने के बाद डीएम ने लिया संज्ञान, जारी किये निर्देश – एसडीओ-एसडीपीओ व डीटीओ करेंगे नाव परिचालन की जांच कटिहार जिले के नदियों में अवैध रूप से संचालित फेरी व नावों, ओवरलोड यात्रियों के परिवहन तथा अनधिकृत मार्गों पर संचालन पर कार्रवाई की जायेगी. ऐसे मामलों में प्राथमिकी भी दर्ज की जा सकती है. प्रभात खबर में विक्रमशिला पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद मनिहारी गंगा घाट पर लोगों की आवाजाही बढ़ने व ओवर लोडेड नाव का परिचालन बगैर किसी सुरक्षा के किये जाने की खबर प्रमुखता से छपने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है. डीएम ने पत्र जारी कर कड़े निर्देश दिये हैं. जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने संबंधित अधिकारियों को इस आशय से संबंधित दिशानिर्देश दिया है. सभी अनुमंडल पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी व जिला परिवहन पदाधिकारी कक लिखे पत्र में डीएम ने कहा है कि जिलान्तर्गत विभिन्न नदी घाटों, फेरी प्वाइंटों एवं नाव संचालन स्थलों पर कुछ फेरी व नाव बिना विधिसम्मत अनुमति, निर्धारित यात्री क्षमता से अधिक यात्रियों को लेकर तथा अनधिकृत परिवर्तित एवं जोखिमपूर्ण मार्गों पर संचालित हो रही है. कई मामलों में निर्धारित मार्ग से हटकर नावों का संचालन नदी के तीव्र बहाव वाले मार्गों, संकीर्ण जलधारा, बालू- टापू व भंवर प्रभावित क्षेत्रों तथा असुरक्षित अवतरण-स्थलों के माध्यम से किया जा रहा है. इस प्रकार का संचालन अत्यंत गंभीर दुर्घटनाजन्य एवं जन-जीवन के लिए जोखिमपूर्ण है. जिससे नाव पलटने, टक्कर, डूबने तथा अन्य अप्रिय घटनाओं की संभावना बनी रहती है. इस परिप्रेक्ष्य में डीएम ने निर्देश दिया है कि अपने-अपने क्षेत्राधिकार में निर्धारित बिंदुओं के आलोक में संयुक्त, सतत एवं तकनीकी दृष्टिकोण से निरीक्षण व कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे. डीएम ने अपने पत्र में कहा है कि प्रत्येक नाव व फेरी का पंजीकरण स्वीकृत संचालन मार्ग, अनुमति-पत्र, स्वामित्व अभिलेख, चालक व संचालक का विवरण, फिटनेस स्थिति तथा सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्गत अनुमति की जांच की जाय. साथ ही नावों व फेरी का संचालन केवल स्वीकृत मार्गों एवं निर्दिष्ट घाटों से ही सुनिश्चित किया जाय. किसी भी नाव द्वारा अनधिकृत घाट, अस्थायी अवतरण – स्थल या जोखिमपूर्ण मार्ग पर संचालन को गंभीर उल्लंघन मानते हुए तत्काल कार्रवाई की जाय. निर्देश के उल्लंघन होने पर एफआईआर करें डीएम ने की ओर से जारी दिशानिर्देश में कहा है कि अनुमंडल पदाधिकारी व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी एवं जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से संवेदनशील घाटों का औचक निरीक्षण किया जाय तथा आवश्यकतानुसार पुलिस बल की तैनाती की जाय. साथ ही प्रत्येक घाट पर निरीक्षण रजिस्टर में नावों की संख्या, यात्रियों की संख्या, उल्लंघनों का विवरण एवं की गयी कार्रवाई अंकित की जाय. संवेदनशील घाटों का जोखिम वर्गीकरण किया जाय. डीएम ने यह भी निर्देशित किया है कि उल्लंघन की स्थिति में संबंधित नाव मालिक व संचालक के विरुद्ध चालान, जब्ती, अनुमति निरस्तीकरण की अनुशंसा एवं आवश्यकतानुसार प्राथमिकी दर्ज की जाय. इस हेतु घाटों पर संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी वअनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अपने स्तर से दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी तथा पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति करना सुनिश्चित करेंगे. साप्ताहिक संयुक्त प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश डीएम ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रत्येक सप्ताह संयुक्त निरीक्षण कर विस्तृत प्रतिवेदन उन्हें अनिवार्य रूप से उपलब्ध करायेंगे. प्रतिवेदन में निरीक्षित घाटों की संख्या, जाँच की गयी नावें, पाये गये उल्लंघन की गयी कार्रवाई एवं आगे की अनुशंसाएं स्पष्ट रूप से उल्लिखित हो. साथ ही यह भी निर्देश है कि बुधवार को प्रथम संयुक्त निरीक्षण करते हुए अपराह्न 05:00 बजे तक जांच प्रतिवेदन उन्हें अवलोकनार्थ उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे. इन कार्यो का अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन द्वारा की जायेगी, जो साप्ताहिक समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश निर्गत करेंगे.

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By RAJKISHOR K

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