कटिहार जिले में कानून-व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने और पुलिसिंग को प्रभावी करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक (SP) परिचय कुमार ने एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है. जिले के सभी थाना अध्यक्षों (SHOs) को अब अपने-अपने थानों में प्रतिदिन नियमित रूप से 'रॉल-कॉल' (Roll-Call) आयोजित करना अनिवार्य कर दिया गया है. इस कदम का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल में अनुशासन, कार्यकुशलता और जवाबदेही को बढ़ावा देना है.
रॉल-कॉल में होगी अनुशासन और कार्यकुशलता की समीक्षा
एसपी के निर्देशानुसार, प्रतिदिन आयोजित होने वाले रॉल-कॉल के दौरान थानों में तैनात पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों की गतिविधियों का पूरा ब्योरा लिया जाएगा:
- उपस्थिति व वर्दी की जांच: जवानों की समय पर उपस्थिति, उनकी वर्दी (Uniform) का रखरखाव और सामान्य अनुशासन का मूल्यांकन किया जाएगा.
- ड्यूटी समीक्षा: पुलिसकर्मियों को उनकी दैनिक जिम्मेदारियों और बीट पुलिसिंग के कार्यों से अवगत कराया जाएगा.
इन प्रमुख बिंदुओं पर थानाध्यक्ष देंगे विशेष दिशा-निर्देश
रॉल-कॉल के माध्यम से थानाध्यक्ष अपने अधीनस्थ पदाधिकारियों और जवानों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण कार्यों के लिए निर्देशित करेंगे:
- अपराध नियंत्रण व रात्रि गश्ती: संवेदनशील इलाकों में सघन वाहन चेकिंग, रात्रि गश्ती (Night Patrolling) को प्रभावी बनाना और बीट पुलिसिंग को सक्रिय करना.
- लंबित मामलों का निष्पादन: लंबे समय से लंबित कांडों की जांच में तेजी लाना, वारंटियों की गिरफ्तारी तथा कुर्की-जब्ती का त्वरित तामिला सुनिश्चित करना.
- शालीन व्यवहार: जनशिकायतों के जल्द निष्पादन के साथ-साथ थाने आने वाले आम नागरिकों व पीड़ितों के साथ संवेदनशीलता और शालीन व्यवहार बनाए रखना.
"पारदर्शी और संवेदनशील पुलिसिंग प्राथमिकता" — एसपी
कटिहार पुलिस प्रशासन के अनुसार, नियमित रॉल-कॉल से पुलिस बल के भीतर अंदरूनी अनुशासन सुदृढ़ होगा और जनता के बीच पुलिस की छवि में और सुधार आएगा. जिले में अपराध मुक्त माहौल तैयार करने और आमजन को सुरक्षित महसूस कराने की दिशा में यह प्रशासनिक कदम मील का पत्थर साबित होगा.
