कटिहार : प्रखंड कार्यालय सभागार में बुधवार को आयोजित पंचायत समिति की बैठक हंगामेदार माहौल के बीच संपन्न हुई. बैठक में जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र की बदहाल बिजली व्यवस्था और बंद पड़ी हर घर नल-जल योजना को लेकर अधिकारियों को जमकर घेरा. सदस्यों ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद लोगों को नियमित बिजली और शुद्ध पेयजल की सुविधा नहीं मिल रही है.
बैठक के दौरान विभिन्न पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने कहा कि बिजली आपूर्ति की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है. घंटों बिजली गुल रहती है और लो-वोल्टेज की समस्या से लोग परेशान हैं. शिकायतों के बावजूद विभाग की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है.
सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकांश वार्डों में हर घर नल-जल योजना केवल कागजों तक सीमित होकर रह गई है. कहीं मोटर खराब है तो कहीं पाइपलाइन क्षतिग्रस्त है. मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है.
जनप्रतिनिधियों ने सवाल उठाया कि जब सरकार विकास योजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है तो ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं के लिए क्यों भटकना पड़ रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिजली व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ और बंद पड़ी नल-जल योजनाओं को चालू नहीं कराया गया तो जनता के साथ आंदोलन किया जाएगा.
बैठक की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख तमन्ना बेगम ने की. उन्होंने संबंधित विभागों को जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. प्रखंड विकास पदाधिकारी चंदन प्रसाद, अंचलाधिकारी श्यामसुंदर साह, बीपीआरओ डॉ. अशोक कुमार, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सृजन श्रीवास्तव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे. अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों के सवालों का जवाब देते हुए समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया.
बैठक में उपप्रमुख चंदना कुमारी, पंचायत समिति के सदस्य तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे. बैठक में सबसे अधिक चर्चा बिजली आपूर्ति और नल-जल योजना की बदहाल स्थिति को लेकर हुई.
