दूरबीन से गंभीर सर्जरी को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

लाइव एंडोस्कोपी, हिस्टोरोस्कोपिक, लेप्रोस्कोपिक कार्यशाला का आयोजन किया गया

कटिहार. रेडियंट हॉस्पिटल में रविवार को एक दिवसीय लाइव एंडोस्कोपी, हिस्टोरोस्कोपिक, लेप्रोस्कोपिक कार्यशाला का आयोजन किया गया. जहां डॉ संजीव कुमार ने दूरबीन से ऑपरेशन कर कार्यशाला के माध्यम से शहर के गाइनेकोलॉजिस्ट को इसके बारे में जानकारी दिया. इस कार्यशाला में कटिहार ही नहीं बल्कि पूर्णिया के भी गायनोलॉजिस्ट कार्यशाला में भाग लिये. जहां इस आधुनिक सर्जरी के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गयी. मौके पर डॉ संजीव कुमार ने लाइव ऑपरेशन करते हुए बताया की गायनिक एंडोस्कोपिक से ऑपरेशन में कम समय लगता है. मरीज जल्द स्वस्थ्य हो जाते है. मामूली सा छोटा छेदकर बच्चेदानी, शिष्ट, रसौली लेप्रोस्कोपिक जैसा ऑपरेशन किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि दूरबीन विधि ऑपरेशन साइंस का वरदान है. साधारण भाषा में कहे तो जहां इन सब बीमारी के लिए पहले पेट की सर्जरी की जाती थी. पेट को चीरा जाता था अब वैसा नहीं होगा. पेट में एक छोटा सा छेद कर दूरबीन के माध्यम से आधुनिक मशीन के जरिए इसका सफल ऑपरेशन किया जा सकता है. उन्होंने कहा की बहुत तेजी से इलाज का पैटर्न में बदलाव हो रहा है. अब आने वाले समय में बिना ऑपरेशन का ही इलाज हो जायेगा. मरीजों को अब चीरफाड़ के बिना ही छोटा छेद कर शरीर के भीतर के बीमारी व घाव को ऑपरेशन कर ठीक किया जायेगा. इस अवसर पर डॉ रंजना झा, डॉ शिप्रा सिंह, डॉ राकेश कुमार सिंह, डॉ छवि रमन वेद, डॉ प्रतिभा कुमारी, डॉ लक्ष्मी सेन, डॉ शशि किरण, डॉ नीलम मनीष आदि शहर के कई गाइनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर मौजूद थे.

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