डंडखोरा स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डंडखोरा में चिकित्सक व एएनएम की लापरवाही से नवजात शिशु की मौत हो गयी है. प्रखंड के सौरिया निवासी रोहित ने बताया कि उनकी पत्नी सोनी देवी को प्रसव पीड़ा हुई थी. उन्हें शनिवार सुबह लगभग 3:50 बजे डंडखोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे. उन्होंने बताया कि अस्पताल पहुंचने के करीब 50 मिनट तक उनकी पत्नी प्रसव पीड़ा से तड़पती रही. ड्यूटी पर तैनात नर्स को हाथ जोड़कर गुहार लगाने लगे कि मेरी पत्नी को जरा देख लीजिए. वह दर्द के मारे छटपटा रही है लेकिन मेरी बात एक भी नहीं सुनी. नर्स कहने लगी पहले 5000 हमको दो. तब तुम्हारा पेशेंट को हाथ लगायेंगे. नहीं तो यहां से कटिहार लेकर चले जाओ. बिना जांच किए हुए ही हमलोगों को कटिहार जाने के लिए कह दिया. जैसे ही अस्पताल के तीसरी मंजिल से नीचे उतारने लगे तो मेरी पत्नी ने नवजात को वहीं फर्श पर जन्म दे दिया. इसके बाद भी कोई नर्स देखने तक नहीं आयी और नवजात तड़प-तड़प कर जमीन पर दम तोड़ दिया. ड्यूटी पर तैनात एएनएम गुड़िया कुमारी ने बताया कि शिशु पहले से ही पेट में मरा हुआ था. हमलोगों ने जांच कर इसे अच्छी उपचार के लिए सदर हॉस्पिटल कटिहार भेजने का प्रयास किया लेकिन नीचे उतरते ही बच्चों ने जन्म ले लिया. स्वास्थ्य केंद्र में प्रभारी डॉ प्रदीप ने बताया कि जांच किया गया था लेकिन अच्छी सुविधा के लिए कटिहार रेफर कर दिए थे. इसी क्रम में बच्चे को जन्म दे दिया. मृत नवजात शिशु को देखकर परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया. उनका कहना है कि ड्यूटी पर मौजूद नर्स ने समय पर इलाज और देखभाल नहीं की. जिसके कारण नवजात की जान नहीं बच सकी. गुस्साए परिजनों ने पुलिस को सूचना देने कि बात कही है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
