– बुनियादी साक्षरता व संख्या ज्ञान कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन का निर्देश कटिहार समग्र शिक्षा अभियान व प्रारंभिक शिक्षा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी पंकज कुमार ने बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिले के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिया है. बीइओ को लिखे पत्र में डीपीओ ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार पढ़ना लिखना एवं बुनियादी गणित बच्चों के आगे की पढ़ाई के मजबूत नींव है. इसके आलोक में शिक्षा विभाग बिहार द्वारा शैक्षिक सत्र 2026-27 में कक्षा चार, पांच एवं छह के बच्चों की भाषा एवं गणित की बुनियादी क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से एक राज्यव्यापी कार्यक्रम को अभियान रूप में लागू करने का निर्णय लिया गया है. यह कार्यक्रम विद्यालय की नियमित दिनचर्या एवं शैक्षणिक कैलेंडर के साथ समेकित रूप से संचालित किया जायेगा. जिसका उद्देश्य बच्चों की बुनियादी सीखने की क्षमता में सुधार करना तथा उन्हें उच्च कक्षाओं के लिए शैक्षणिक रूप से सक्षम बनाना है. इस अभियान को मुख्ता चार चरणों में क्रियान्वित किया जायेगा. जिसके प्रथम चरण मई माह के दूसरे सप्ताह में तत्काल प्रभाव क्रियान्वित किया जाना है. डीपीओ की ओर से जारी दिशानिर्देश में कहा गया है कि सभी प्रखंड के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी इस अभियान के नोडल होंगे और अपने निर्देशन में विद्यालय प्रधान एवं शिक्षकों का उन्मुखीकरण करायेंगे. प्रखंड के सभी विद्यालय में कक्षा चार, पांच एवं छह के लिए कक्षावार शिक्षकों को नामित किया जायेगा. नामित शिक्षक लक्षित बच्चों के साथ विशेष शिक्षण की प्रभावी संचालन करेंगे. प्रतिदिन विद्यालय के प्रारंभ में पहले घंटी भाषा और दूसरे घंटी गणित के लिए निर्धारित किया जायेगा. सभी प्रखंड अपने अपने काम्प्लेक्स रिसोर्स सेंटर समन्वयक के माध्यम से विद्यालय में चयनित शिक्षकों की सूची तैयार करेंगे और उनका उन्मुखीकरण का आयोजन करेंगे. स्कूल परिसर रिसोर्स पर्सन (समन्वयक) अपने क्षेत्र के विद्यालयों में नियमित अनुश्रवण कर शिक्षकों की अकादमिक सहयोग एवं मार्गदर्शन तथा परिसर स्तर पर मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन करेंगे. विद्यालय प्रधान प्रत्येक माह अभिभावक-शिक्षक बैठक कर समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करायेंगे. यह कार्यक्रम नियमित शैक्षिक कैलेंडर के साथ समन्वित रूप से संचालित किया जायेगा. कार्यक्रम के सफल संपादन के लिए विद्यालय स्तर पर उपलब्ध शिक्षण अधिगम सामग्री का अधिकतम उपयोग किया जायेगा.
चौथी से पांचवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को भाषा व गणित में बनाएं दक्ष
चौथी से पांचवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को भाषा व गणित में बनाएं दक्ष
