– अतिसंवेदनशील छठ घाट होने के बाद भी नहीं दिया जाता है ध्यान खुद से श्रद्धालु करते हैं घाट की सफाई, दलन पूरब पंचायत मुखिया के पास चूना तक का नहीं है फंड कटिहार दलन पूरब पंचायत के कई टोलो माेहल्ले के लिए एकमात्र भसना छठ घाट के प्रति जनप्रतिनिधियों के उदासीन रवैये से श्रद्धालुओं में आक्रोश है. भसना छठ घाट अतिसंवेदनशील होने के बाद इसके प्रति ध्यान नहीं दी जाती है. इससे श्रद्धालु खुद से घाट की सफाई कराते हैं. दलन पूरब पंचायत के मुखिया, सरपंच व उपसरपंच के पास इस छठ घाट में बह रहे पानी को साफ करने के लिए चूना तक का फंड नहीं है. खरना के दिन छठ घाट की सफाई कर रहे गोपाल महलदार, नवनीत यादव, विकास कुमार, सूरज चौहान समेत अन्य का कहना है कि पानी काफी गहरा है. जलकुम्भी से उनलोगों को छठ घाट तैयार करने में थोड़ी परेशानी होती है. बैरिकेडिंग की व्यवस्था वे लोग खुद से कर इस घाट पर वषों से छठ करने आते हैं. आज तक न तो मुखिया, सरपंच व उपसरपंच के साथ बीडीओ द्वारा इस ओर ध्यान दिया जाता है. सिरसा, दलन, कदेपुरा, रखाबाद, चौहान टोला, पुराना टोला, रासो टोला समेत दूर दूर से छठ व्रती छठ मनाने को आते हैं. समाजसेवी आनंद सिंह कहते हैं कि यह घाट अतिसंवेदनशील की श्रेणी में है. आज तक छठ घाट की सफाई में न तो विधायक, मुखिया, सरपंच, उपसरपंच के साथ प्रशासनिक पदाधिकारी तक देखने नहीं आते हैं. नहीं है किसी तरह का फंड छठ घाट निर्माण को लेकर स्कीम आया था. पोखर की उपलब्धता नहीं होने के कारण छठ घाट निर्माण नहीं हो पाया है. विभागीय स्तर पर छठ घाटों की सफाई से लेकर चूना छिड़काव तक किसी तरह का फंड नहीं है. बीडीओ इस मामले में अधिक जानकारी दे सकेंगे. नेमूल हक, मुखिया, दलन पूरब पंचायत अभी वे नये हैं, अतिसंवेदनशील घाट है. जानकारी जानकारी मुखिया, सरपंच व उपसरपंच से लिया गया है. उनलोगों में कुछेक का कहना है कि उक्त छठ घाट कोढ़ा में व दलन पूरब पंचायत में है. अपने स्तर से मुखिया, उपसरपंच व सरपंच को देखने को लेकर बोला गया है. उक्त छठ घाट पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था सुढृढ करने के लिए आदेश दिया गया है. राहुल कुमार सिंह, बीडीओ, कटिहार
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