Garbage Issue: कटिहार के कोढ़ा से अमीर सोहेल की रिपोर्ट: कटिहार जिले के कोढ़ा नगर पंचायत के वार्ड नंबर 2 (गेड़ाबाड़ी बाजार क्षेत्र) में प्रशासनिक उदासीनता के कारण स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है. पिछले लगभग 12 दिनों से नगर पंचायत के सफाई कर्मियों द्वारा वार्ड से कचरा नहीं उठाए जाने के कारण जगह-जगह सड़कों के किनारे गंदगी का विशाल टापू खड़ा हो गया है. भीषण गर्मी और उमस के बीच इस सड़ते हुए कचरे से निकलने वाली तीव्र दुर्गंध के कारण पूरे इलाके का वातावरण दूषित हो चुका है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा अत्यधिक बढ़ गया है. इस डंपिंग यार्ड जैसी स्थिति को लेकर अब वार्ड वासियों का आक्रोश सातवें आसमान पर पहुंच गया है.
सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप, घरों के आसपास से गुजरना हुआ दूभर
वार्ड संख्या 02 के स्थानीय निवासियों और गेड़ाबाड़ी बाजार के व्यवसायियों ने रोष व्यक्त करते हुए बताया कि नगर पंचायत द्वारा डोर-टू-डोर (Door-to-Door) कचरा उठाने की पूरी प्रक्रिया काफी समय से अनियमित और भगवान भरोसे चल रही है.
- सफाई कर्मियों की मनमानी: स्थानीय लोगों का आरोप है कि सफाई कर्मी अपनी मर्जी के अनुसार आते हैं और पिछले 12 दिनों से तो किसी भी सफाई वाहन या कर्मी ने इस वार्ड का रुख तक नहीं किया है. इसके चलते लोगों को मजबूरन अपने घरों का कूड़ा बाहर मुख्य सड़कों पर फेंकना पड़ रहा है.
- बुजुर्गों और बच्चों पर खतरा: हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि लोगों को अपने ही घरों के सामने खड़े होने या वहां से गुजरने के लिए मुंह पर कपड़ा ढकना पड़ रहा है. इस भयंकर गंदगी का सीधा और सबसे घातक असर छोटे बच्चों, पढ़ने वाले छात्रों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर पड़ने की गंभीर आशंका जताई जा रही है.
कई बार शिकायत के बाद भी मौन रहा प्रशासन, आंदोलन की चेतावनी
क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने बताया कि इस विकराल समस्या को लेकर कई बार मौखिक और लिखित रूप से नगर पंचायत प्रशासन व संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया है. लेकिन विडंबना यह है कि हर बार सिर्फ कोरा आश्वासन ही हाथ लगा, धरातल पर कोई ठोस सुधार नहीं किया गया. प्रशासन की इसी बेरुखी से नाराज होकर लोगों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है. नागरिकों का साफ कहना है कि यदि अगले 24 से 48 घंटों के भीतर वार्ड से कचरे का उठाव सुनिश्चित कर नियमित सफाई व्यवस्था लागू नहीं की गई, तो वे सभी मिलकर नगर पंचायत कार्यालय के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर उग्र सामूहिक विरोध प्रदर्शन (धरना) करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी.
मच्छरों का बढ़ा प्रकोप, मलेरिया और डेंगू फैलने की आशंका
महामारी का डर: स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि सड़कों पर पड़े गीले और सड़ते हुए कचरे के कारण अब पूरे गेड़ाबाड़ी बाजार क्षेत्र में मच्छरों और मक्खियों का प्रकोप अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया है. मच्छरों के इस भयंकर तांडव से इलाके में डेंगू, मलेरिया, डायरिया और चिकनगुनिया जैसी जानलेवा बीमारियों के पैर पसारने का खतरा चौगुनी रफ्तार से बढ़ रहा है.
स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने जिलाधिकारी कटिहार और कार्यपालक पदाधिकारी से इस मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने की मांग की है. लोगों ने मांग की है कि वार्ड-2 में तुरंत आपातकालीन सफाई अभियान (Special Cleanliness Drive) चलाकर ब्लीचिंग पाउडर और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जाए, ताकि गेड़ाबाड़ी बाजार को पुनः स्वच्छ और सुरक्षित बनाया जा सके. अब देखना यह है कि कुंभकर्णी नींद में सोया नगर प्रशासन इस जनसमस्या को लेकर कब जागता है.
