कटिहार सदर अस्पताल में मंगलवार को ओपीडी (OPD) एवं आपातकालीन (Emergency) सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की गई है. अस्पताल प्रशासन ने मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विस्तृत रोस्टर जारी किया है, ताकि दूर-दराज से आने वाले मरीजों को भटकना न पड़े और उन्हें समय पर समुचित परामर्श व उपचार मिल सके.
सदर अस्पताल में ओपीडी सेवाएं दो पालियों में संचालित की जाएंगी. पहली पाली सुबह 9:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक और दूसरी पाली शाम 4:00 बजे से 6:00 बजे तक चलेगी.
ओपीडी: चार प्रमुख विभागों में विशेषज्ञ डॉक्टर देंगे सेवा
मंगलवार को सदर अस्पताल की ओपीडी में परामर्श के लिए निम्नलिखित विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध रहेंगे:
- मेडिसिन विभाग: सामान्य मौसमी बीमारियों, बुखार, बीपी, शुगर व अन्य मेडिसिन संबंधी समस्याओं के लिए डॉ. एस. पी. विनकर मरीजों की जांच करेंगे.
- डेंटल (दंत) विभाग: दांतों व मसूड़ों की परेशानी से जूझ रहे मरीजों के इलाज के लिए डॉ. ए. के. सिंह अपनी सेवाएं देंगे.
- ईएनटी विभाग: कान, नाक और गले से जुड़ी बीमारियों के निदान के लिए डॉ. विपिन कुमार ओपीडी में उपस्थित रहेंगे.
- गायनी (स्त्री एवं प्रसूति) विभाग: महिलाओं से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं व प्रसूति जांच के लिए डॉ. अभिरुचि मनु मरीजों का परीक्षण करेंगी.
24 घंटे बहाल रहेगी इमरजेंसी सेवा: तीन शिफ्टों में बंटी डॉक्टरों की ड्यूटी
आपातकालीन परिस्थितियों, सड़क हादसों और अचानक गंभीर रूप से बीमार होने वाले मरीजों के लिए अस्पताल की इमरजेंसी सेवा 24 घंटे अनवरत जारी रहेगी. इसके लिए चिकित्सकों की तीन शिफ्टों में तैनाती की गई है:
| शिफ्ट (Shift) | समय (Time) | तैनात चिकित्सक (Doctor on Duty) |
| पहली शिफ्ट (सुबह) | सुबह 08:00 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक | डॉ. विपिन कुमार |
| दूसरी शिफ्ट (दोपहर/शाम) | दोपहर 02:00 बजे से रात 09:00 बजे तक | डॉ. आशीष प्रकाश |
| तीसरी शिफ्ट (नाइट) | रात 09:00 बजे से सुबह 08:00 बजे तक | डॉ. दिगम्बर |
मरीजों और तीमारदारों के लिए जरूरी सलाह
अस्पताल प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि:
- सामान्य परामर्श और जांच के लिए केवल ओपीडी के निर्धारित समय (सुबह 9:00 से 2:00 और शाम 4:00 से 6:00) पर ही आएं.
- इमरजेंसी वार्ड का उपयोग केवल अत्यंत गंभीर, आकस्मिक या दुर्घटनाग्रस्त परिस्थितियों में ही करें, ताकि आपात स्थिति में पहुंचे जरूरतमंद मरीजों को तुरंत बिना किसी देरी के जीवनरक्षक उपचार मिल सके.
