कटिहार से सरोज कुमार की रिपोर्ट:
कटिहार: जिले में लगातार दो दिनों की बारिश के बाद नगर निगम क्षेत्र की सड़कों की स्थिति गंभीर रूप से खराब हो गई है. जगह-जगह जलजमाव और कीचड़ फैल जाने से लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है. कच्ची और ईंट सोलिंग वाली सड़कों पर पानी भरने से ट्रक और ट्रैक्टर फंस रहे हैं, जिससे वार्डों के अंदरूनी इलाकों में आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है.
शमशेरगंज रोड सबसे ज्यादा प्रभावित
दो दिन हुई झमाझम बारिश के बाद शमशेरगंज जाने वाली सड़क की हालत सबसे ज्यादा खराब हो गई है. स्थानीय लोगों सूरज रविदास, रमण सिंह, प्रदीप चौहान और अशोक कुमार सहित कई लोगों का कहना है कि शिकायत के बावजूद नगर निगम सिर्फ रविश डालकर औपचारिकता पूरी कर देता है. हल्की बारिश में ही सड़क फिर से खराब हो जाती है.
एकमात्र खड़ंजा भी जर्जर, गड्ढों में तब्दील सड़क
मोहल्ले के लोगों के अनुसार आवागमन का एकमात्र खड़ंजा भी पूरी तरह जर्जर हो चुका है. देखरेख के अभाव में जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं और बारिश के दौरान कई फीट तक जलजमाव हो जाता है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है.
310 पैरामेडिकल छात्रों सहित सैकड़ों विद्यार्थी परेशान
इसी इलाके में स्थित पारा मेडिकल प्रशिक्षण केंद्र में करीब 310 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिनकी ड्यूटी सदर अस्पताल में लगती है. मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए उन्हें रोजाना कीचड़ और जलजमाव से होकर गुजरना पड़ता है. वहीं, आसपास के पॉलीटेक्निक छात्र भी किराये पर रहकर पढ़ाई करते हैं और उन्हें भी आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
पार्षद ने लगाया उदासीनता का आरोप
वार्ड संख्या दो की पार्षद मुसर्रत जहां ने बताया कि सड़क की बदहाली को लेकर कई बार नगर निगम प्रशासन को अवगत कराया गया है. उनका कहना है कि पीसीसी निर्माण कार्य टुकड़ों में किया जा रहा है और आधी सड़क अब भी अधूरी पड़ी है. शिकायतों के बावजूद निगम की उदासीनता के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है.
कुल मिलाकर बारिश के बाद नगर निगम क्षेत्र की सड़कों की हालत बदतर हो गई है, जिससे आम लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है.
